बहराइच। पुलिस का नाम जुबां पर आते ही कई तरह की नकारात्मक छवि सामने आने लगती है। इन सब के बीच मदद पहुंचाने वाली पुलिस का एक मानवीय चेहरा भी सभी के सामने आया है। अपराधियों में भय पैदा करने वाली पुलिस ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। मेडिकल कॉलेज में थैलीसीमिया की बीमारी से पीड़ित दो भाई व एक बहन को हर माह चढाने के लिए खून की जरूरत पड़ती है। पिता का साया बच्चों के सिर से उठ जाने के कारण खून की व्यवस्था करने को मां को इधर उधर भटकना पड़ता है।
इसकी जानकारी मिलने पर एसपी ने मित्र पुलिस का मानवीय चेहरा दिखाते हुए चार सिपाहियों को मेडिकल कालेज भेजकर रक्तदान करा तीनों बच्चों को मदद पहुंचाकर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की। एसपी के इस कार्य की सराहना सभी लोग कर रहे हैं। रिसिया थाना क्षेत्र के कटलिया भूपसिंह निवासी हाजरून के आठ वर्षीय बेटे फैजान, 12 वर्षीय बेटी सना व 25 वर्षीय बेटा इमरान थैलीसीमिया बीमारी से ग्रसित हैं। इनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। प्रतिमाह खून की जरूरत रहती है। पिता का देहांत होने के बाद मां हाजरून बच्चों की देखभाल कर रही है। तबियत खराब होने पर तीनों भाई-बहन को खून की जरूरत पड़ी लेकिन इनके पास रक्तदान करने वाला कोई नहीं था।
मां हाजरून खून के लिए मेडिकल कॉलेज में ब्लॅड बैंक से लेकर अधिकारियों तक के चक्कर लगा रही थी। तभी इसकी जानकारी एसपी सुजाता सिंह को हुई। एसपी ने तत्काल अपने स्कॉट के तीन सिपाही संजीव यादव, धनंजय कुमार, जयेंद्र वर्मा व डायल 112 में तैनात हरिशंकर पांडेय को मेडिकल कॉलेज भेज कर रक्तदान कराया। रक्तदान से मिले इस खून को देकर तीनों बच्चों की मदद की गयी। यह देख महिला के चेहरे पर छाई उदासी दूर हो गयी और आंखों में खाकी के प्रति कृतज्ञता के भाव दिखने लगे। महिला ने रहमदिल एसपी व रक्तदाता सिपाहियों का शुक्रिया अदा कर अल्लाह से दुआ की कि सबको खुश रखे ।
संकट की घड़ी में अगर किसी की मदद करने का मौका मिले तो अपने स्तर से मदद जरूर करना चाहिए। खून के लिए भटक रही महिला का मामला संज्ञान में आया। तत्काल चार सिपाहियों को रक्तदान के लिए भेजा। यह मेरा सौभाग्य है। लोगों की मदद करना ही असली इंसानियत कहलाती है।
सुजाता सिंह, एसपी बहराइच