बहराइच। मेडिकल कॉलेज व जिला चिकित्सालय में बीते काफी दिनों से कई चिकित्सकों द्वारा निजी प्रैक्टिस करने की शिकायतें मिल रही हैं। इन चिकित्सकों द्वारा मरीजों को चिकित्सालय में न बुलाकर अपने आवास अथवा नर्सिंग होम में बुलाकर उनका इलाज किया जाता है। जिससे मरीजों को नि:शुल्क व बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिल पाती है। अब ऐसे चिकित्सकों को चिह्नत कर उन पर शिकंजा कसा जाएगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एके साहनी द्वारा जिलाधिकारी व सीएमओ को पत्र लिखा गया है।
महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं महर्षि बालार्क जिला चिकित्सालय में तैनात कुछ चिकित्सकों की ओर से यहां आने वाले मरीजों को अपने आवास अथवा चुनिंदा नर्सिंग होम में बुलाकर उनका इलाज किया जाता है। जिसकी एवज में मरीजों से शुल्क लेने के साथ ही मोटे कमीशन वाली दवाएं भी बाहर से लिखी जाती हैं। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके साहनी को बीते कुछ दिनों से शिकायतें मिल रही थीं। जिसका संज्ञान लेते हुए उन्होंने इस पर रोक लगाने के लिए सीएमओ व डीएम को पत्र भी लिखा है। पत्र के माध्यम से प्राचार्य ने मेडिकल कॉलेज व जिला चिकित्सालय में तैनात समस्त संकाय सदस्य, चिकित्साधिकारी, ट्यूटर, सीनियर रेजीडेंट व जूनियर रेजीडेंट द्वारा निजी प्रैक्टिस में संलिप्त मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्राचार्य द्वारा इस संबंध में सीएमओ व जिलाधिकारी को पत्र भी भेजा गया है।
शासन द्वारा निर्धारित नॉन प्रैक्टिसिंग भत्ते का भुगतान सभी सरकारी चिकित्सकों को किया जा रहा है। ऐसे में उनके द्वारा निजी प्रैक्टिस करना गलत है। सरकारी चिकित्सकों द्वारा निजी प्रैक्टिस करते पाये जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. एके साहनी, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।