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गबन में दो प्रधान व सचिव पर केस दर्ज

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बहराइच। विकास खंड शिवपुर में तैनात एक ग्राम पंचायत अधिकारी ने निलंबन अवधि में ही विकास कार्यों के लिए 26.92 लाख के चेक काटकर रकम हजम कर ली। इसमें दो गांवों के प्रधानों की भूमिका भी संदिग्ध रही। डीएम के निर्देश पर कराई गई जांच में गठित तीन सदस्यीय टीम ने मामला पकड़ा।
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एडीओ की तहरीर पर शनिवार को ग्राम पंचायत अधिकारी व दो प्रधानों के खिलाफ गबन, सरकारी धन के दुरुपयोग आदि धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। बीडीओ की भूमिका संदिग्ध मिलने पर उनको तत्काल प्रभाव से हटाते हुए मजिस्ट्रियल जांच शुरू कराई गई है। वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी की भूमिका की भी जांच शुरू की गई है।
ग्राम पंचायत बेहड़ा और बरुही टेपरी में ग्राम पंचायत अधिकारी उमेश चंद्र की तैनाती थी। ग्राम पंचायत अधिकारी को डीएम के आदेश पर निलंबित कर दिया गया था। इसी बीच उसने बेहड़ा की प्रधान भानमती पांडेय और बरुही टेपरी की प्रधान सरिता देवी के संयुक्त हस्ताक्षर से विकास कार्यों के नाम पर करीब 26.92 लाख रुपये के चेक कटवा लिए।
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इसके बाद बैंक से पैसे का भुगतान भी करा लिया गया। मामले की जानकारी होने पर जिलाधिकारी शंभु कुमार ने सीडीओ अरविंद चौहान को जांच के निर्देश दिए। सीडीओ के निर्देेश पर शुरू हुई जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ में आया। जांच टीम को दोनों गांव की प्रधान और सेक्रेटरी कोई अभिलेख भी नहीं दिखा पाए।
जिलाधिकारी शंभु कुमार के निर्देश पर सहायक विकास अधिकारी शिवपुर उपेंद्र यादव ने तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। सीडीओ अरविंद चौहान ने बताया कि पूरे मामले में खंड विकास अधिकारी सुशील श्रीवास्तव की संलिप्तता मिली है। इस पर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनको रिसिया स्थानांतरित कर दिया गया है। उनके खिलाफ अपर जिलाधिकारी को मजिस्ट्रियल जांच सौंपी गई है। इसी तरह जिला पंचायत राज अधिकारी केबी वर्मा की भूमिका संदिग्ध मिलने पर उनकी भी जांच कराई जा रही है।
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