कतर्नियाघाट के बिशुनापुर में तेंदुए के हमले में घायल ग्रामीण।
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बिछिया (बहराइच)। बिशुनापुर गांव में बकरी चरा रहे युवक पर तेंदुए ने हमला कर दिया। युवक अपनी जान बचाने के लिए तेंदुआ से भिड़ गया। वह पांच मिनट तक संघर्ष करता रहा। चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने हांका लगाया तो बड़ी मशक्कत के बाद तेंदुआ युवक को छोड़कर भागा। घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम गश्त बढ़ा दी है। ग्राम प्रधान ने पिंजड़ा लगाने की मांग की है।
कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग में कतर्नियाघाट रेंज के बिशुनापुर गांव निवासी दहना (45) पुत्र ढोढ़े जंगल से सटे खेत में बकरी चरा रहा रहा था। बकरी चराने के दौरान जंगल से तेंदुआ निकला और युवक पर हमला कर दिया। तेंदुए को देख युवक ने बिना घबराए चिल्लाते हुए उससे भिड़ गया। तेंदुआ युवक के मुंह पर हमला करने का प्रयास करता रहा, लेकिन तब तक आसपास के ग्रामीण हांका लगाते हुए दौड़ पड़े। ग्रामीणों की अधिक संख्या को देखते हुए तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। घायल युवक के सिर व नाक पर चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने तत्काल इलाज के लिए युवक को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आंबा में भर्ती कराया। घटना की सूचना पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी राम कुमार व बीट इंचार्ज जमुना विश्वकर्मा मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को सतर्क रहने के साथ गश्त बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
ग्राम प्रधान ने की पिंजड़ा लगवाने की मांग
युवक पर हुए तेंदुए को हमले को देखते हुए ग्राम प्रधान बसंतलाल ने पिंजड़ा लगवाने की मांग की है। ग्राम प्रधान ने कहा कि जब तक पिंजड़ा नहीं लगेगा। तब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाएगा। और आए दिन तेंदुआ लोगों व मवेशियों पर हमला करता रहेगा। ऐसे में ग्रामीणों के अंदर हमेशा दहशत बनी रहेगी।
दी जाएगी आर्थिक मदद
विशुनापुर गांव में तेंदुए के हमले में ग्रामीण के घायल होने की सूचना मिली है। मौके पर बीट प्रभारी को भेजा गया है। 24 घंटे निगरानी करने के लिए टीमें लगाई गई हैं। अगर 24 घंटे के अंदर दोबारा तेंदुआ दिखेगा तो पिंजड़ा लगवाने के लिए ऊपर से अनुमति ली जाएगी। लोगों को सुरक्षा का अहसास कराने के लिए हाथियों से कांबिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। पीड़ित को आर्थिक मदद दी जाएगी। -आकाशदीप बधावन, डीएफओ कतर्नियाघाट