बहराइच। शहर के बैंक ऑफ बड़ौदा में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। बैंक के कर्मचारियों ने आयकर व्यापार कर अधिवक्ता व उसके परिजनों के बचत खाते से सवा दो लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। गुपचुप तरीके से यह राशि बैंक के बीमा खाते में निवेश की गई है। बैंक के कर्मचारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं, प्रबंधक भी किनारा कस रहे हैं। इस पर अधिवक्ता ने बैंक के कर्मचारियों के खिलाफ दरगाह थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
दरगाह शरीफ थाना अंतर्गत मंसूरगंज छावनी बाजार निवासी रामगोपाल अग्रवाल आयकर व्यापार कर के अधिवक्ता हैं। उन्होंने बताया कि 30 नवंबर 2012 को वह अपनी पुत्री नेहा अग्रवाल के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा में संचालित संयुक्त खाते से एक लाख 30 हजार रुपये निकालने के लिए चेक लेकर बैंक पहुंचे लेकिन चेक बाउंस हो गया। सप्ताह भर बैंक के चक्कर लगाने के बाद पता चला कि बैंक के कर्मचारियों ने उनके और उनकी पत्नी पदमा, पुत्र दीपक, पुत्री ज्योति, नेहा, पुत्र वधू श्रद्धा के बैंक खातों से सवा दो लाख रुपये की नकदी फर्जी हस्ताक्षर करके निकाल लिए। अधिवक्ता द्वारा नोटिस दिए जाने पर पता चला कि निकाले गए रुपये बैंक कर्मियों ने अधिवक्ता के परिजनों के नाम बैंक की इंश्योरेंस पॉलिसी इंडिया फर्स्ट नामक स्कीम में जमा करावाए हैं। जबकि पॉलिसी में पता और वलदियत तो गलत है ही, फर्जी हस्ताक्षर भी बनाए गए हैं।
इस मामले में अधिवक्ता ने बैंक प्रबंधक आरके मेहरा को पत्र दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित रामगोपाल अधिवक्ता ने दरगाह थाने में बैंक ऑफ बड़ौदा छावनी शाखा के कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी है। अधिवक्ता के तहरीर पर पुलिस ने बैंक कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
तो इसलिए किया यह खेल
बैंक के सूत्र बताते हैं इंडिया फर्स्ट नामक पॉलिसी बेचने के लिए बैंक कर्मियों पर दबाव अधिक होता है। एक इंश्योरेंस पॉलिसी खोलने पर 50 प्रतिशत कमीशन भी मिलता है। इसके अलावा अन्य लाभ भी मिलते हैं। हालांकि, इस मामले में बैंक प्रबंधक ने कुछ भी बोलने से इंकार किया।
हमें जानकारी नहीं
बैंक ऑफ बड़ौदा छावनी शाखा के प्रबंधक आरके मेहरा से जब इस धोखाधड़ी के बारे में बात की गई तो उन्होंने पूरे मामले से अनभिज्ञता जताई। बोले कि मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। अगर रिपोर्ट दर्ज हुई है तो पुलिस जांच करेगी, तब देखा जाएगा।