बिछिया (बहराइच)। जंगल से सटे गांवों में बाघ और तेंदुओं की आमद बढ़ गई है। शुक्रवार की रात बाघ और तेंदुओं ने कतर्नियाघाट, सुजौली और निशानगाड़ा रेंज से सटे गांवों में चार मवेशियों को निवाला बना लिया। पूरी रात गांव के लोग हांका लगाते हुए जागते रहे। सुबह पहुंचे वनकर्मियों ने हमले की पुष्टि की। ग्रामीणों को सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र से सटे गांवों में अचानक बाघ औैर तेंदुओं का आतंक बढ़ गया है। कतर्नियाघाट रेंज के मौरहवा गांव निवासी पतरू के अहाते में शुक्रवार रात करीब 11 बजे जंगल से निकलकर आया तेंदुआ घुस गया। तेंदुए की गुर्राहट सुनकर गांव के लोग सकते में आ गए। सभी ने हांका लगाना शुरू किया। लेकिन तब तक उसने एक बछड़े को निवाला बना लिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर किसी तरह आधे घंटे बाद तेंदुआ जंगल की ओर गया।
वहीं निशानगाड़ा रेंज के चफरिया गांव में अजहर खान के अहाते में घुसे बाघ ने बछड़े को निवाला बनाया। यहां भी ग्रामीणों के हांका लगाने पर लगभग एक घंटे बाद बाघ जंगल की ओर गया। टार्च की रोशनी में बाघ को देखकर लोग दहशतजदा रहे।
वहीं, सुजौली रेंज अंतर्गत कठौतिया गांव निवासी प्रकाश के अहाते में घुसे तेंदुए ने दो बकरियों को मार डाला। काफी देर बाद परिवार के लोगों को जानकारी हुई। तब सभी ने शोर मचाना शुरू किया। किसी तरह तेंदुआ जंगल की ओर गया।
घटना की सूचना पाकर वन रक्षक अवधनरेश शुक्ला, वाचर कमलेश ने मौके पर पहुंचकर बाघ और तेंदुए के हमले की पुष्टि की है। डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि बाघ और तेंदुए के हमले की जानकारी मिली है। ग्रामीणों को सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं। वन्यजीवों के मूवमेंट वाले इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है।