निर्वाचन आयोग अधिक से अधिक मतदाताओं को निर्वाचन सूची से जोड़ने की बात कह रहा है। इसके लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। लेकिन मिहींपुरवा विकासखंड के कतर्नियाघाट के 242 वन ग्रामीणों के नाम निर्वाचन सूची से नदारद हैं। यह कैसे हुआ, इससे अधिकारी और कर्मचारी बच रहे हैं। वहीं, वन ग्रामीण परेशान हैं। सभी शुरू से लोकसभा, विधानसभा, पंचायत चुनाव में मतदान करते आ रहे हैं।
मिहींपुरवा विकासखंड अंतर्गत वन ग्राम बिछिया और कतर्नियाघाट के मतदाता अब तक हुए लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत विशुनापुर अंतर्गत आंबा पोलिंग बूथ पर मतदान करते थे। इस बार परिसीमन में विशुनापुर ग्राम पंचायत से आंबा को अलग कर दिया गया है। लेकिन इसमें हेराफेरी यह हुई है कि कतर्नियाघाट वन ग्राम के 242 ग्रामीणों के नाम मतदाता सूची से गायब कर दिए गए हैं।
इसके साथ ही बिछिया वन ग्राम के भी कई मतदाता के नाम सूची से नदारद हैं। माह भर से दोनों गांवों के मतदाता अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। परेशान मतदाता अब आंदोलन के मूड में हैं। सभी ने इस मामले में जिलाधिकारी से शिकायत की है। एसडीएम को भी जानकारी दी गई है। लेकिन अधिकारी बच रहे हैं।
187 मतदाताओं की सूची भी गायब
वन ग्राम बिछिया के 187 मतदाताओं की सूची भी गायब है। यह सूची न तो बीएलओ के पास है न ही ब्लॉक और तहसील पर। ऐसे में 187 मतदाताओं के मताधिकार पर भी संकट मंडरा रहा है।
सूची दुरुस्त करने के निर्देश
मिहींपुरवा विकासखंड के खंड विकास अधिकारी नागेंद्र मोहनराम त्रिपाठी का कहना है कि कतर्नियाघाट और बिछिया वन ग्रामीणों की समस्या संज्ञान में आयी है। क्षेत्रीय बीएलओ को जांच कर सूची को दुरुस्त करने और गायब सूची को पुन: तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।