पंचायत निर्वाचन नामावली के वृहद पुनरीक्षण में भी धांधली हुई। इसका खुलासा रविवार समीक्षा के दौरान हुआ। जनसंख्या से कई गुना अधिक बीएलओ ने वोटर बना दिए। सबसे ज्यादा धांधली जमुनहा ब्लॉक में हुई। यहां जनशून्य गांव में भी वोटरों की संख्या कई गुना बढ़ गई।
पंचायत चुनाव नजदीक आ रहा है। इसके लिए सूची में अभी से ही हेराफेरी का मामला प्रकाश में आया है। रविवार को नामावली वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम की अध्यक्षता में की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि विकास खंड जमुनहा का गांव गंगाभागड़, बेलरी व कलकलवा जो बाढ़ के कारण लगभग जनशून्य है। वहां जनसंख्या के सापेक्ष कई गुना अधिक वोटर बना दिए गए जबकि मौके पर गांव में कोई भी नहीं है।
गंगा भागड़ में इपी रेशियो 181.58 दर्ज किया जबकि बेलरी में 142.86 प्रतिशत व लालपुर हरीडीह में यह प्रतिशत 94.39 रहा। ऐसे में देखा जाए तो इस विकास खंड के 39 गांव में जनसंख्या के सापेक्ष वाटरों की संख्या अधिक दर्ज की गई। वहीं गिलौला में सुविखा, लालपुर पैड़ा व मोहम्मदपुर सहित नौ गांव, इकौना में लालपुर खदरा, डकाही सहित 22 गांव हरिहरपुररानी में खजुहा झुनझुनिया, शाहपुर कला, केवलपुर, राजावीरपुर व जरकुसहा सहित 11 गांव में इपी रेशियो 65 से अधिक रहा।
जबकि जरकुसहा, तिलकपुर व राजावीरपुर बाढ़ प्रभावित हैं। यहां के तमाम लोग दूसरे गांव में जाकर बस चुके हैं। वहीं सिरसिया के टिटिहिरिया, गेहुंआभारी, शाहपुर बरगदवा, पंडनी, सचौली सहित 18 गांव में इपी रेशियो मानक से कई गुना अधिक पाया गया।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने 65 प्रतिशत से अधिक इपी रेशियो वाले गांवों की फिर गहन जांच कराने, शिथिलता बरतने वाले बीएलओ व पर्यवेक्षक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने, खासतौर से जमुनहा क्षेत्र में एसडीएम व तहसीलदार द्वारा स्वयं जांच करने का आदेश दिया है।