बहराइच। थाना विशेश्वरगंज के अमराई गांव निवासी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म के मामले में बुधवार को विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो की कोर्ट ने एक दोषी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, दो अन्य दोषियों को एक-एक वर्ष सजा सुनाई है।
थाना विशेश्वरगंज के एक गांव निवासी महिला ने 11 मई 2022 को थाने पर तहरीर दी थी। तहरीर में महिला ने कहा था कि 10 मई 2022 को उसकी आठ वर्षीय बेटी रात 10 बजे घर के बाहर सो रही थी। इसी दौरान अमराई गांव निवासी राजू ने बेटी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। बेटी के शोर मचाने पर जब बाहर निकली, तो वह मौके से भाग खड़ा हुआ। बाद में आरोपी के घर पहुंची तो आरोपी के पिता तुलसीराम व हनुमान ने अभद्रता करने लगे। सभी ने धमकी दी कि अगर थाने में इसकी शिकायत करोगी, तो जान से मार दिया जाएगा।
थाने की पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर साक्ष्यों व पीड़ित बेटी के बयानों साथ आरोपपत्र कोर्ट में सौंपा था। बुधवार को विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो दीपकांत मणि की कोर्ट पर सुनवाई शुरू हुई। बहस सुनने के बाद कोर्ट दुष्कर्म समेत अन्य मामलों में राजू को दोषसिद्ध करते हुए बीस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने राजू को 60 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतना होगा।
वहीं कोर्ट ने गाली-गिलौज व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में तुलसीराम व हनुमान को एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाते हुए 10-10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोनों आरोपियों को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतना होगा।