बहराइच। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र को मानसून के दौरान सुरक्षित रखने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत बुधवार को ऑपरेशन मानसून की शुरुआत हुई।
इसके तहत गठित विशेष टीमें पूरे जंगल की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगी। मानसून के दौरान घुसपैठ करने वाले शिकारियों की भी टोह लेकर कार्रवाई की जाएगी।
दुधवा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर रमेश पांडेय बुधवार को कतर्नियाघाट सेंक्चुरी पहुंचे। उन्होंने कहा कि 15 जून से नवंबर तक सेंक्चुरी क्षेत्र में पर्यटकों का प्रवेश प्रतिबंधित है।
ऐसे में चहल-पहल कम होगी। जिसका फायदा उठाकर लकड़ी माफिया व शिकारी सक्रिय हो सकते हैं। इसके लिए ऑपरेशन मानसून की शुरुआत की गई है।
फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि जंगल के सभी सात रेंजों में विशेष टीमें गठित की गई हैं। जो घने जंगल के बीच भ्रमण करते हुए शिकारियों और लकड़ी माफियाओं पर नजर रखेंगी। टीमों को त्वरित कार्रवाई करने के भी निर्देश हैं।
फील्ड डायरेक्टर रमेश पांडेय ने भारत-नेपाल सीमा के नोमेंस लैंड पर रमपुरवा एसएसबी कैंप सेे धनौरा तक वनकर्मियों व एसएसबी जवानों के साथ गश्त की।
इसके बाद उन्होंने निशानगाड़ा रेंज के लोहरा आजमगढ़पुरवा गांव जाकर हाथियों का झुंड आने से बर्बाद हुई किसानों की फसल देखकर चिंता जताई। कहा कि शीघ्र ही पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाएंगे।