बालैनी। योगी सरकार के आदेशों का अस्पतालों पर कोई असर नहीं दिख रहा है। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन और इलाज न मिलने पर लगातार मौत हो रही हैं। मरीजों को बेड भी नहीं मिल पा रहे हैं। मरीजों से इलाज के नाम मोटी रकम वसूली जा रही है। ऐसा ही मामला रोशनगढ़ गांव का सामने आया है। 28 वर्षीय मिंटू पुत्र बुल्ले प्रजापति कैंटर चालक था। पिछले दो सप्ताह से बुखार में था। परिजनों ने बताया कि मेरठ, गाजियाबाद सहित जगह-जगह अस्पतालों के चक्कर काटे। अस्पतालों में लाखों रुपये की की डिमांड के बाद बेड और ऑक्सीजन देने की बात कही गई। जिसका वह इंतजाम नहीं कर सके। दो सप्ताह तड़पने के बाद शनिवार को मिंटू की मौत हो गई।
एक वर्ष में दो भाइयों की मौत
एक वर्ष में दो भाईयों की मौत से परिवार टूट गया। परिवार के सामने दो जून की रोटी का भी संकट है। मिंटू के बड़े भाई रामावतार की भी एक वर्ष पूर्व बीमारी के चलते मौत हुई। जिसके चार बच्चे हैं। भाई की मौत के बाद उसकी पत्नी की शादी मिंटू के साथ कर दी गई। ताकि चार बच्चों का लालन-पालन हो सके। एक वर्ष में ही बच्चों से ये सहारा भी छीन गया। अब मिंटू की मौत के बाद पत्नी व चार बच्चों की परवरिश कैसे होगी इसको लेकर ग्रामीण भी चिंतित हैं।
संदिग्ध परिस्थितियों में महिला की मौत
छपरौली। क्षेत्र के गांव रठौड़ा में शनिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में 25 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला की शादी चार वर्ष पहले हुई थी। करीब तीन वर्ष का एक पुत्र है। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस को महिला का शव बेड पर पड़ा मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष प्रदीप शर्मा का कहना है कि अभी कोई तहरीर नहीं मिली। पूछताछ के लिए उसके पति को हिरासत में लिया गया है।