संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। नगर के अजितनाथ सभागार में मंगलवार को धर्मसभा में विमर्श सागर महाराज ने कहा कि श्रद्धावान, विवेकवान, क्रियावान श्रावक को रोजाना मंदिर में जाकर भगवान का अभिषेक व पूजा करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भगवान का अभिषेक नहीं करता, अष्ट-द्रव्य से पूजन नहीं करता वह भगवान का पूर्ण श्रद्धालु नहीं कहलाता है। जिस प्रकार राजा के द्वार पर खाली हाथ नहीं जाया जाता, उसी प्रकार परमात्मा के चरणों में भी खाली हाथ नहीं जाया जाता। खाली हाथ परमात्मा के चरणों में जाने वाले को जीवन में कभी कुछ नहीं मिल सकता है। इसलिए परमात्मा की आराधना में कुछ न कुछ समर्पित करते रहना चाहिए। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि 31 दिसंबर को अजितनाथ मंदिर में भक्तामर दीप अर्चना और एक जनवरी को भक्तामर विधान का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर डॉ़ श्रेयांस जैन, महेंद्र जैन, मदन लाल जैन, मुकेश जैन, प्रदीप जैन, विनोद जैन, राकेश जैन आदि मौजूद रहे।