बागपत में नवरात्र पर भजन कीर्तन करती महिला श्रद्धालु
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बागपत। मां भगवती के उपासकों ने चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं ने गुलाब के फूल, मिश्री, लांग, कपूर से आराधना की। मंदिरों में दिव्य आरती की जा रही है। शहर की पुरानी तहसील में माता की चौकी भी विधि विधान से माता की पूजा की।
नवरात्र के चौथे दिन मां भगवती के चौथे स्वरूप कूष्मांडा विधिवत पूजा अर्चना की गई। माता के उपासकों ने सुबह के समय दिव्य ज्योति जलाकर माता की पूजा अर्चना की। मंदिरों में भी श्रद्धालु पूजा करने के लिए पहुंचे। ज्योतिषाचार्य पंडित राज कुमार शास्त्री ने बताया कि मां कूष्मांडा की गुलाब के फूल, मिश्री, लांग, कर्पूर से पूजा अर्चना करने से मन्नत पूरी होती है। अष्ट भुजा है, इनका वाहन सिंह है। माता का पूरे ब्रह्मांड में साम्राज्य है। तब इन्हीं देवी मां ने अपनी मुस्कान की छटा बिखेरी और पूरे संसार में उजाला हो गया। इन्हें कुम्हडे की बलि अति प्रिय है। दुर्गम कार्य को सुगम बनाती है। इनकी पूजा करने से सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है। सच्चे मन से आराधना करने पर यश, विद्या और धन प्राप्ति होती है। राजेश गौतम, मनीष गौतम, राधेश्याम शर्मा, अमित शर्मा, शिवम, शिवांशी मौजूद रहे। शहर के पुरानी तहसील में चल रहे माता की चौकी पर शनिवार की रात मनमोहक झांकियां निकाली। माता के जयकारे लगाए। मां भगवती का गुणगान किया। इसमें बबलू शर्मा, मोनू, दिनेश कुमार, ओमपाल सिंह, शिवम, पवन, रामू, टिंकू आदि रहे।