जीवन की आपाधापी में दिल को दुरुस्त रखना चुनौती
बड़ौत। जीवन की आपाधापी के बीच सेहत और हृदय को दुरुस्त रखना चुनौती बन रहा है। इससे बचने के लिए खुद को तैयार करना होगा, तभी हमारा दिल सुरक्षित रहेगा। लोगों को दिल की बीमारियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है।
चिकित्सक बताते हैं कि दिल का सबसे बड़ा दुश्मन तनाव है। इसका बड़ा कारण जीवनशैली है। इसके अलावा बिगड़ी दिनचर्या, गलत खानपान, प्रदूषण के चलते दिल से जुड़ी बीमारी काफी बढ़ रही हैं। अब कम उम्र में भी इस बीमारी का सामना करना पड़ रहा है। दिल को दुरुस्त रखने के लिए सही खानपान, योगाभ्यास और तनाव को दूर भगाना सबसे जरूरी है।
ये दी चिकित्सकों ने सलाह
हृदय रोगी कोविड-19 संक्रमण से डरे नहीं, बल्कि सचेत रहे
बड़ौत। डॉ. अजेंद्र मलिक ने बताया कि हृदय रोगी कोविड-19 संक्रमण से डरे नहीं, बल्कि सचेत रहे। इसके मरीजों को चाहिए कि वह कोरोना का अधिक भय न रखे। साथ ही अन्य लोगों की तरह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने पर कोरोना उन्हें छू भी नहीं पाएगा। हृदय रोगी को दवा हमेशा समय पर ही लेनी चाहिए। इसके साथ किसी बात का तनाव न लें।
गाइड लाइन अपनाकर खुद को सुरक्षित रखे हृदय रोगी
बड़ौत। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने कहा कि कोरोना वायरस संबंधी गाइड लाइन अपनाकर हृदय रोगी खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति को हृदय रोग पहले से है और अब वह कोरोना के संक्रमण की चपेट में आ गया है तो भी उसे हृदय रोग की दवाएं लेना बंद नहीं करना चाहिए। तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
त्रिकोणासन करने से स्वस्थ रहता है हृदय
बड़ौत। योगाचार्य प्रदीप आर्य ने बताया कि त्रिकोणासन करने से हृदय स्वस्थ रहता है। इस आसन को करने से वजन भी कम होता है। ताड़ासन हृदय को मजबूत करने में सहायक है। इस आसन के दौरान गहरी सांस लेने के कारण फेफड़ा फैलता है और इसकी सफाई हो जाती है। ताड़ासन करने से श्वास संतुलित रहती है। वृक्षासन करने से शारीरिक मुद्राओं का बेहतर संतुलन बनाता है। यह आसन कंधों को चौड़ा करता है और हृदय को बेहतर बनाता है। वृक्षासन एक स्थिर पेड़ की नकल करता है। वृक्षासन आपको एकाग्रता बढ़ाने में सहायता करता है।