बागपत में वर्ल्ड चैंपियन मैरीकॉम खोलेंगे बॉक्सिंग एकेडमी-एमसी मैरीकॉम ने बागपत के क्रीड़ा हॉल व बड़ौत के शाहमल स्टेडियम का निरीक्षण किया
-स्टेडियम जल्द ही फाइनल करके शुरू कराया जाएगा कार्य, अंतरराष्ट्रीय स्तर के बॉक्सर तैयार हो सकेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर एमसी मैरीकॉम जल्द ही बागपत में बॉक्सिंग एकेडमी शुरू करेंगी। वह शुक्रवार को एकेडमी के लिए जगह देखने आईं और बागपत के क्रीड़ा हॉल व बड़ौत के शाहमल स्टेडियम को देखा। वह स्टेडियम जल्द ही फाइनल करके एकेडमी के लिए कार्य शुरू कराएंगी। इससे यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के बॉक्सर तैयार हो सकेंगे।
बॉक्सर एमसी मैरीकॉम बागपत में 19 मार्च को एक कार्यक्रम में शामिल होने आई थी। तब एमसी मैरीकॉम ने कहा कि बागपत के खिलाड़ी देश का नाम दुनियाभर में रोशन करते रहे हैं और इनको बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी तो यह ज्यादा अच्छा कर सकते हैं। इसलिए ही अब वह यहां बॉक्सिंग एकेडमी शुरू करना चाहती हैं। इसके लिए वह शुक्रवार शाम को यहां पहुंची। उन्होंने बागपत एसडीएम अमरचंद वर्मा के साथ पहले बागपत कलक्ट्रेट के पास स्टेडियम को देखा। इसके बाद वह बड़ौत के शाहमल स्टेडियम में पहुंची और वहां भी बॉक्सिंग एकेडमी की संभावनाओं को देखा गया। वह डीएम अस्मिता लाल से मिली और उनको जल्द ही जगह फाइनल करके कार्य शुरू कराने के लिए कहा गया। एमसी मैरीकॉम ने कहा कि यहां बॉक्सिंग एकेडमी बनने से अभ्यास के लिए बॉक्सरों को किसी अन्य जगह नहीं जाना पड़ेगा, क्योंकि एकेडमी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच रहेंगे। उनसे बॉक्सिंग के गुर सीखकर खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे और दुनिया में देश का नाम रोशन कर सकेंगे। डीएम अस्मिता लाल ने कहा कि यहां से काफी खिलाड़ी निकलते हैं और उनको अभ्यास के लिए जूझना पड़ता है। उनको बेहतर सुविधाएं दिलाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे वह आगे बढ़ सकें।
एमसी मैरी कॉम (मैंगते चुंगनेइजंग मैरी कॉम) भारत की सबसे सफल मुक्केबाज और 6 बार की वर्ल्ड चैंपियन (एमेच्योर विश्व चैंपियनशिप) हैं। मणिपुर में जन्मीं ''''मैग्निफिसेंट मैरी'''' 2012 लंदन ओलंपिक में पदक (कांस्य) जीतने वाली पहली भारतीय महिला बॉक्सर बनीं और उन्होंने एशियाई व कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल हासिल किए हैं।
विश्व चैंपियन मुक्केबाज व पद्मश्री विजेता मैरी कॉम ने कहा कि हापुड़ में मुक्केबाजी की अकादमी खोलने की तैयारियां चल रही हैं। इसी सिलसिले में आज यहां आना हुआ है। हापुड़ के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, सिर्फ उन्हें अच्छा मंच और दिशा देने की जरूरत हैं। दरअसल, हापुड़ की कनेक्टीविटी बेहद खास है, जहां कई जिलों से युवा आसानी से आ जा सकते हैं।
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