एनएचएआई के इंजीनियरों ने मंगलवार को मवीकलां के जंगल में सर्वे किया
बुधवार को डीएम गांव काठा में लगाए जा रहे शिविर में किसानों से वार्ता करेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा (बागपत)। भारतमाला परियोजना के तहत दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर निर्माण चल रहा है। प्रथम चरण का खेकड़ा ईर्स्टन पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से दिल्ली अक्षरधाम मंदिर तक कार्य चल रहा है। अब दूसरे चरण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। एनएचएआई के इंजीनियरों ने मंगलवार को मवीकलां के जंगल में सर्वे किया। बुधवार को डीएम इस संबंध में ग्राम काठा में लगाए जा रहे शिविर में किसानों से मुआवजे के बारे में वार्ता करेंगे।
दिल्ली-देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर का निर्माण होने के बाद दिल्ली और देहरादून का सफर मात्र तीन घंटे में पूरा होगा। प्रथम चरण में खेकड़ा में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से दिल्ली अक्षरधाम मंदिर तक छह लाइन वाले एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर सीगल कंपनी की देखरेख में कराया जा रहा है। मंगलवार को इसके दूसरे चरण का का कार्य भी प्रारंभ हो गया। उपजिलाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि एनएचएआई के इंजीनियरों ने मंगलवार को मवीकलां के जंगल में सर्वे किया। बुधवार को जिलाधिकारी राजकमल यादव ग्राम काठा में लगाए जा रहे शिविर में किसानों से मुआवजे के बारे वार्ता करेंगे। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण होने से बागपत जनपद के लोगों को काफी लाभ मिलेगा।
ऐसे होगा कॉरिडोर का निर्माण
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को दो चरण में बनाया जाना है। पहला चरण दिल्ली बॉर्डर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे तक होगा जबकि दूसरा चरण ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से देहरादून तक है। दिल्ली बॉर्डर से ईपीई तक निर्माण का रास्ता पूरी तरह से साफ है, क्योंकि उसका निर्माण नेशनल हाईवे के ऊपर पिलर पर होना है। इससे आगे के निर्माण के लिए बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है।
जिले के 32 गांवों से गुजरेगा कॉरिडोर
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए बागपत में मवीकलां से मुजफ्फरनगर की सीमा तक 32 गांवों के 5286 किसानों की 292 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हुआ है। इसके अलावा 23 हेक्टेयर सरकारी जमीन का अधिग्रहण भी हुआ है। किसानों को जमीन का 824 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुआवजा दिया जाना है। इसमें से करीब 300 किसानों ने 150 करोड़ से ज्यादा का मुआवजा अभी तक ले लिया है।