बड़ौत। पंचायत चुनाव में दावेदारी करने वाले उम्मीदवार वोटरों को रिझाने के लिए उनके बीच पहुंच रहे हैं। मौका हाथ में है तो वोटर भी अपनी समस्या रखने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखा रहे है। कोई गांव के खराब हैंडपंप को सही कराने की मांग कर रहा तो कोई फुंके ट्रांसफर्मर व जर्जर बिजली के तारों को बदलवाने के लिए कह रहा है। भावी प्रत्याशी भी हर समस्या के समाधान का आश्वासन दे रहे है।
पंचायत चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प है। करीब एक साल तक कोरोना काल में विकास कार्य ठप ही रहे। सांसद व विधायकों के लिए भी एक साल से कोई निधि नहीं हुई है। ऐसे में पंचायत चुनाव के लिए वोट मांगने जा रहे भावी प्रत्याशियों के सामने मतदाता भी अपनी समस्याएं खुलकर रख रहे है। कोई गांव के खराब हैंडपंप को सही कराने की मांग कर रहा तो कोई फुंके ट्रांसफर्मर व जर्जर बिजली के तारों को बदलवाने के लिए कह रहा है।
जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों को सबसे ज्यादा समस्याएं गिनाई जा रही है। एक प्रत्याशी के क्षेत्र में 10 से 15 गांव हैं। जिला पंचायत की वार्ड नंबर आठ के एक भावी उम्मीदवार ने बताया कि ज्यादातर गांवों में पेयजल की समस्या है। गर्मी बढ़ने के साथ ही तमाम गांवों के हैंडपंप ठप हो चुके हैं। गांव के मतदाता हैंडपंप रीबोर कराने की मांग कर रहे हैं। पहले लोग इन सब काम के लिए सांसद व विधायक के पास जाते थे। माननीय अपनी निधि से भी पैसा खर्च करके हैंडपंप आदि लगवा देते थे। एक साल से निधि में पैसा नहीं होने के कारण समस्या जस की तस हैं।
फुंके ट्रांसफार्मर भी समस्या भी ज्यादा
गर्मी की वजह से लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर लगातार फुंक रहे हैं। इसके अलावा जर्जर विद्युत तारों की समस्याएं भी है। जर्जर तारों की वजह से लगातार फसलें जलने के मामले सामने आए है।