बागपत। लॉकडाउन बढ़ा तो इस बार किसानों के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती है। गेहूं की कटाई का सीजन शुरू हो गया है। थ्रेसिंग के लिए जिले में हरियाणा और पंजाब से भी मशीनें आती हैं। लॉकडाउन की स्थिति में बिना प्रशासन की स्वीकृति के थ्रेसिंग मशीनें नहीं आ सकेंगी, जिससे किसानों को दिक्कत होगी।
जिले में इस बार गेहूं का रकबा 50 हजार हेक्टेयर है। अगेते गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग का कार्य शुरू हो चुका है। एक सप्ताह में गेहूं कटाई और थ्रेसिंग का कार्य जोर पकड़ेगा। पहले लॉकडाउन का समय 14 अप्रैल तक है। लेकिन लॉकडाउन बढ़ने की स्थिति में किसानों को मुश्किल होगी। जिले में हरियाणा और पंजाब के विभिन्न जिलों से थ्रेसिंग मशीनें पहुंचती हैं, जिनसे किसान थ्रेसिंग कराते हैं। कुछ किसान कंबाइंड हार्वेस्टर भी किराए पर मंगाते हैं। अगर लॉकडाउन बढ़ा तो बाहर के जिलों से आने वाले मशीन संचालकों को संबंधित जिले के प्रशासन की एनओसी लेकर आना होगा, तभी जिले में एंट्री होगी। जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह का कहना है कि बाहर से आने वाले एनओसी लेकर आ सकते हैं।