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लाॅकडाउन में हो रहीं अनोखी शादियां: सैनिटाइजर से बरातियों का स्वागत, माला की जगह पहनाया मास्क

Tue, 05 May 2020 10:57 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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बडौत के मलकपुर गांव में अंशु पहलवान की शादी पर दूल्हन अंशु पहलवान व दूल्हे धर्मेन्द्र यादव को आर् - फोटो : BARAUT
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शादी का मतलब बैंडबाजा, नाचते बराती, पंडाल में तामझाम और नाते-रिश्तेदारों की ठिठोली। ऐसी शादी का सपना ही हर दूल्हा-दुल्हन देखती है। लेकिन देश में फैले कोरोना वायरस ने सदियों से चली आ रही शादियों की इस परंपरा का ही स्वरूप बदल डाला। अब सैनिटाइजर से बरातियों का स्वागत होता है और माला की जगह मास्क पहनाया जाता है। मलकपुर गांव में रानी लक्ष्मी बाई अवार्ड विजेता महिला मल्ल अंशु पहलवान के यहां पर कुछ अलग ही तरह से शादी की परंपरा निभाई गई। जिसके बारे में दूल्हा और दुल्हन ने कभी सपने में नहीं सोचा होगा।
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दूल्हा समेत तीन लोगों की आई बरात
दरअसल मलकपुर गांव के सत्यवीर ङ्क्षसंह की बेटी अंशु पहलवान की शादी लखनऊ निवासी मून्नू उर्फ धर्मेन्द्र यादव पुत्र छतरधारी से तय हुई थी। विवाह की तारीख 5 अप्रैल नियत थी। लॉकडाउन के बीच बरात ले जाना संभव नहीं था। इसलिए शादी टालने की बजाय दूल्हे के पिता छतरधारी ने गत रात्रि ही लखनऊ से दूल्हा धर्मेन्द्र यादव, भाई सुनील व चचेरे भाई राजू को बारात लेकर भेज दिया।

सैनिटाइज करके पहनाया जयमाल
गांव में लडक़ी पक्ष के लोगों ने सभी का स्वागत करने से पहले सैनिटाइज कराया और अगवानी के समय द्वार पर बरातियों को माला पहनाने से पहले मास्क पहनाया। इसके बाद सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए अंशु पहलवान और धर्मेन्द्र यादव ने फेरे लिए। दोनों ने एक-दूसरे को जो जयमाल पहनाई उसे भी पहले सैनिटाइज किया गया। इस पर मजाकी लहजे में दुल्हे के स्वजन बोले एक समय स्वागत में इत्र छिडक़ा जाता था आज हाथों में सैनिटाइजर डाला जा रहा है।
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आठ से दस लोगों के बीच पूरे विधि विधान से शादी हुई। जिसमें ग्राम प्रधान कृष्णपाल, खलीफा हरपाल, सामे सिंह, भाई आसु, वीशू, पप्पू, काला, नीटू, माता सविता, बहन आरजू तोमर शामिल रहे। सभी बराती व जनाती कोरोना बचाव के नियमों का पालन करते हुए एक मीटर से ज्यादा दूरी पर मौजूद रहे। पंडित जी ने भी एक मीटर दूर बैठकर मंत्रोच्चार किया। दूल्हे के परिवार और घरातियों के बीच सादगी में विधि-विधान से सारी रस्में पूरी की गईं। बाद में बेटी की विदा कर दी गयी।
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सोशल डिस्टेंस का ध्यान रख उड़ायी दावत
महिला मल्ल अंशु पहलवान व धर्मेन्द्र यादव की शादी में दावत के लिए आए ग्रामीण भी कोरोना को लेकर काफी सजग दिखे। उन्होंने एक-दूसरे से करीबन एक मीटर की दूरी पर कुर्सियां डालकर जमकर दावत उडायी। ग्रामीणों का कहना था कि देश में फैले कोरोना वायरस को लॉकडाउन, सोशल डिस्टेस से ही मात दी जा सकती है।

कौन है अंशु पहलवान
मलकपुर गांव के सत्यवीर सिंह की बडी बेटी अंशु 76 किग्रा भार में रेसलिंग करती है। वर्ष 2006 में नेशनल खेला और सब-जूनियर में गोल्ड मेडल जीता। एशियन चैंपियनशिप में कास्यं, वल्र्ड चैेपियनशिप में कासं्य पदक जीता। सीनियर में नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडल जीता। अंशु नौ बार भारत केसरी और दो बार उप्र केसरी रह चुकी है। उन्हें 2013 में यश भारती और वर्ष 2016 में रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

एक साथ करते थे गोरखपुर में प्रैक्टिस
धर्मेन्द्र यादव भी अंतराष्ट्रीय पहलवान है और लखनऊ में पीटीआई है। दोनों गोरखपुर में एक साथ प्रैक्टिस करते थे। तभी दोनों का परिचय हुआ।

लॉकडाउन का पालन करें जनता, दिया दोनों ने संदेश
देश में फैली कोरोना महामारी को लेकर जब अंशु पहलवान व धर्मेन्द्र यादव से बातचीत की गयी तो उन्होंने लगे लॉकडाउन का पालन करने के लिए जनता से अपील की। साथ ही सोशल डिस्टेंस पर ध्यान देने को कहा।
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