बागपत। यहां सामूहिक विवाह योजना में उपहारों के लिए 55 शादीशुदा युवतियां सूचीबद्ध हुईं हैं। इन सभी ने खुद को अविवाहित बताकर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदन कर दिया। इनमें किसी की एक महीने पहले शादी हुई तो कोई दो महीने पहले दुल्हन बनी थी।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादियां कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए तो यहां 200 आवेदन आए। इनकी सूची ब्लॉक पर भेजकर सचिवों से सत्यापन कराया गया तो पता चला कि आवेदन करने वाली 55 युवतियां पहले से शादीशुदा हैं। इनमें सबसे अधिक बागपत शहर में 13 युवतियां हैं। बिनौली में 10 व छपरौली में आठ युवतियां हैं। अन्य तीन ब्लॉकों में भी इस तरह के 24 मामले सामने आए हैं।
एक युवती की शादी पर खर्च किए जाते हैं एक लाख रुपये
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक युवती की शादी पर एक लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। शादी होने पर 60 हजार रुपये दुल्हन के खाते में भेजे जाते हैं। 25 हजार रुपये से चांदी के जेवर, बर्तन व कपड़े समेत अन्य सामान दिया जाता है। 15 हजार रुपये खाने व टेंट पर खर्च किए जाते हैं। इनमें से 60 हजार रुपये व 25 हजार रुपये का सामान हड़पने के लिए दोबारा शादी के लिए फर्जीवाड़ा किया जाता है।
सामूहिक विवाह के बाद कर सकते हैं कार्यक्रम
किसी की सामूहिक विवाह से पहले शादी हो जाती है तो नियम के अनुसार उसको अपात्र माना जाएगा। कुछ परिवार ऐसा जरूर करते हैं कि वे सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पहले शादी करा लेते हैं और फिर अगली तारीख तय करके अपने घर पर रिश्तेदारों व अन्य लोगों को बुलाकर कार्यक्रम कर लेते हैं।
केस एक
बागपत की सीमा की आठ मई को शादी हो चुकी है। उसने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी करने के लिए आवेदन कर दिया। उसके आसपास रहने वाले लोगों ने उसकी शादी की पोल खोल दी।
केस दो
बड़ौत में बिनौली मार्ग पर रहने वाली पुष्पा की 11 अप्रैल को शादी हुई थी। पुष्पा ने दोबारा से सरकारी दुल्हन बनने के लिए आवेदन कर दिया। जब उसकी शादी पहले ही होने की बात पता चला तो उसने पूछताछ में बताया कि उसका आवेदन पड़ोसी ने करा दिया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदन मांगे गए थे। पहले से शादीशुदा 55 युवतियों ने भी आवेदन कर दिए। किसी की एक या दो महीने पहले भी शादी हुई है तो उनकी योजना के तहत शादी नहीं हो सकती है। शादीशुदा किसी युवती ने फर्जीवाड़ा करने का प्रयास किया तो कार्रवाई की जाएगी।
-नीलम चौहान, जिला समाज कल्याण अधिकारी