छपरौली (बागपत)। बदरखा गांव के यमुना खादर में अवैध खनन की जांच करने पहुंची टीम को बैरंग लौटना पड़ा। खनन पट्टे और उसके आसपास के क्षेत्र में पानी अधिक होने के कारण जांच नहीं हो सकी। एसडीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्रा का कहना है कि प्रकरण की रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
बृहस्पतिवार को डीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्रा, सीओ बड़ौत आलोक कुमार, नायब तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार, एसडीओ वन विभाग कल्याण सिंह, राजस्व निरीक्षक राजवीर सिंह, लेखपाल शशांक भारद्वाज, अमित शर्मा, धर्मेंद्र कुमार, भारत भूषण, सर्वे कानूनगो गोपीनाथ सिंह, सर्वे लेखपाल राकेश्वर सिंह, राजेश कुमार और अजीत कुमार, एआरटीओ सुभाष राजपूत आदि बदरखा के यमुना खादर में पहुंचे। एसडीएम दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि जिला स्तरीय टीम जांच के लिए गई थी। मगर, जिस जगह जांच होनी थी, वहां पर 80 फीसदी से अधिक पानी है। इस कारण सही जांच नहीं हो सकती है। कुछ क्षेत्र को देखा गया है, लेकिन जांच पूरी नहीं हो सकी है। इसलिए जलस्तर घट जाने पर दोबारा जांच करनी होगी। टीम की संयुक्त आख्या डीएम शकुंतला गौतम को भेज दी गई है।
लखनऊ से आई टीम की जांच भी अधूरी
बागपत। जिला स्तरीय टीम के अलावा इससे पहले लखनऊ से आई टीम की जांच भी अधूरी थी। अधिक पानी होने के कारण लखनऊ की टीम भी जांच नहीं कर सकी थी। इसके बाद खनन निदेशालय ने डीएम शकुंतला गौतम को निर्देश दिए थे कि जिला स्तरीय टीम से जांच कराकर सही आंकलन करें।