खेकड़ा के जंगल मे मीतली रजवाहे की पटरी टूटने से जलमग्न हुई किसानो के खेतो मे खडी गेंहू, गन्ने की फस
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कई किसानों की कई बीघा गेहूं की फसल हुई जलमग्न
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। तीन माह से मीतली रजबहे की पटरी टूटी पड़ी है। सिंचाई विभाग ने पटरी की मरम्मत कराए बिना ही रजबहे में पानी छोड़ दिया। इससे किसानों की कई बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने अधिकारियों से पानी को बंद कराने की मांग की है।
खेकड़ा के जंगल से मीतली रजबहा गुजर रहा है। रजबहे से खेकड़ा के साथ ही गांव फखरपुर, सुन्हैड़ा, बसी और नानू आदि गांवों के किसानों की फसलों की सिंचाई होती है। दो दशक से खेकड़ा से आगे इसका अस्तित्व समाप्त हो गया है। खेकड़ा में बड़ागांव मार्ग तक ही इसमें पानी आता है। कई जगह पर तो रजबहा समतल बन गया है। तीन माह पूर्व बसी गांव की ओर खेकड़ा के जंगल में इसकी पटरी क्षतिग्रस्त हो गई थी। मगर, सिंचाई विभाग ने ने क्षतिग्रस्त पटरी की मरम्मत कराई और न ही इसकी सफाई। यहीं नहीं रविवार की शाम रजबहे मे पानी छोड़ दिया गया। पानी टूटी हुई पटरी से किसानों के खेतों में घुस गया। इससे धर्मबीर, विजयपाल, संदीप धामा, राजपाल, वेदपाल आदि किसानों की कई बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। पीड़ित किसानों ने उपजिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर रजबहे का पानी रुकवाने और टूटी पटरी की मरम्मत कराने की मांग की है। उपजिलाधिकारी अजय कुमार का कहना है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात कर पानी बंद कराकर टूटी पटरी की मरम्मत कराई जाएगी।