बड़ौत। कोताना मार्ग पर करीब चार करोड़ 76 लाख से निर्माणाधीन अपशिष्ट शोधन संयंत्र यानि एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) का शुक्रवार को डीएम राजकमल ने निरीक्षण किया गया। उन्होंने अधिकारियों को इस प्लांट को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
अमृत योजना के तहत पालिका की ओर से कोताना रोड पर आठ बीघा जमीन पर इस ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण अपने अंतिम दौर में हैं। इस प्लांट के जरिए शौचालय टैंक के गाद से जैविक खाद बनाई जाएगी। अभी तक सेप्टिक टैंक के गाद को टैंकों में भरकर खुले में सड़क के किनारे गिरा दिया जाता है। इससे बड़े पैमाने पर पर्यावरण प्रदूषित होता है। अब इस प्लांट के लग जाने के बाद लोगों को प्रदूषण व बीमारियों से काफी हद तक निजात मिलेगी। शुक्रवार को डीएम राजकमल यादव ने प्लांट का निरीक्षण किया गया। उन्होंने जल निगम के अधिशासी अभियंता को इस प्लांट को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम दुर्गेश मिश्र, ईओ अनुज कौशिक सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
ईंधन बनने से भी मिलेगा फायदा
जहां यह प्लांट लगाया जाएगा, उसके चारों तरफ बाउंड्री वॉल और वहां तक टैंकों को पहुंचने के लिए सड़क का भी निर्माण कराया जाएगा। प्रतिदिन 32 केएलडी सेप्टिक टैंक के गाद की खपत होगी। इससे बनने वाली गैस को प्लांट चलाने के लिए ईंधन के रूप में उपयोग किया जाएगा। बड़े पैमाने पर गैस बनने पर भविष्य में इसको रसोई गैस के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है।
खेतों के लिए वरदान होगी खाद
नगरपालिका ईओ अनुज कौशिक के अनुसार प्लांट में बनने वाली खाद किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी। अन्य रासायनिक खादों की अपेक्षा यह जैविक खाद 20 गुने ज्यादा गुणकारी होगी। इस प्लांट को चलाने के लिए लागत को पूरी तरह से शून्य करने के लिए सोलर प्लांट भी लगाए जाएंगे। जनपद में सीवरेज सिस्टम की व्यवस्था न होने के कारण इसकी नितांत आवश्यकता थी।