बागपत। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को कोहरा होने से पहले ही अलर्ट कर दिया जाएगा। इसके लिए जापानी तकनीक के दृश्यता संवेदक सेंसर नौ जगहों पर लगाए जाएंगे। साथ ही टोल प्लाजा पर कमांड सेंटर भी बनाया जाएगा। मंगलवार को मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने सेंसर लगाने के लिए जगह चिह्नित की।
12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति 100 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक रहती है। अब सर्दी का सीजन शुरू होने वाला है, जिसमें कोहरे का असर भी एक्सप्रेसवे पर देखने को मिलेगा। घने कोहरे में वाहनों की भिड़ंत होने से हादसे होते रहते हैं। इन हादसों को रोकने के लिए एनएचएआई के अफसर जापान की तकनीक अपनाएंगे। इसके लिए मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के साथ मंथन किया।
इसको लेकर 17 व 18 अगस्त को महाराष्ट्र के नागपुर के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिक गजेंद्र कुमार, वैज्ञानिक डॉ. शिजो जकारिया, डॉ. अनूप कुमार मिश्रा और अंशुल चौहान ने एनएचएआई के अफसरों के साथ बैठक की। वहीं जापानी तकनीक के संवेदक लगाने की मंजूरी मिलने के बाद मौसम वैज्ञानिकों ने एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया। इस दौरान दिल्ली से देहरादून तक नौ जगह चिह्नित की गईं। साथ ही कमांड सेंटर बनाने के लिए काठा और सहारनपुर टोल चिह्नित किया, जिनमें एक टोल पर कमांड सेंटर बनाया जाएगा।
-इस तरह लगेंगे सेंसर
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर लगाए जाने वाले सेंसर से कोहरा शुरू होने से पहले ही सूचना जारी कर दी जाएगी। एक्सप्रेसवे पर देहरादून में तीन, सहारनपुर, बागपत में दो-दो और शामली में एक जगह सेंसर के साथ बड़ी स्क्रीन लगाई जाएगी। स्क्रीन पर कोहरे की चेतावनी के साथ बारिश, आंधी समेत अन्य जानकारी भी दी जाएगी।
वर्जन-
एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने के बाद मौसम वैज्ञानिकों के साथ देहरादून में बैठक की। एक्सप्रेसवे पर नौ जगहों पर सेंसर लगाने का निर्णय लिया गया। सर्दी शुरू होने से पहले सेंसर लगवा दिए जाएंगे। -नरेंद्र सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई