बड़ौत। सर, विशाल हमारी बहन पर गंदगी नजर रखता था और कुछ दिन पहले फेसबुक पर बहन व मां के प्रति अश्लील टिप्पणी भी की थी, इसलिए तंग आकर हमने विशाल को मौत के घाट उतार दिया। इसका हमें कोई अफसोस नहीं है। यह कहना है विशाल हत्याकांड में पकड़े गए दो हत्यारोपियों का। पुलिस ने मंगलवार को दोनों हत्यारोपियों को मलकपुर गांव के जंगल से एक ट्यूबवेल से गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त दो तमंचे, एक खोखा, मृतक का मोबाइल भी बरामद किया है।
तीन दिन पूर्व मलकपुर गांव के पास जमानत पर बाहर आए आरोपी विशाल पुत्र शीशपाल उम्र 24 निवासी मलकपुर की पूर्व प्रधान कृष्णपाल के मकान के पास गोलियों से भूनकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। हत्यारों ने विशाल के चेहरे व सिर पर छह से अधिक गोलियां मारी थी। दो से तीन गोली विशाल की कमर पर भी लगी हुई थी। इस मामले में मृतक के पिता शीशपाल ने गांव के ही विशांत व आशीष पुत्रगण लोकेंद्र, लोकेंद्र व विशु पुत्र बिट्टू निवासी मलकपुर को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मंगलवार को कोतवाल मगनवीर सिंह गिल को मुखबिर ने सूचना दी कि नामजद दो हत्यारोपी मलकपुर गांव के जंगल में एक ट्यूबवेल पर छिपे हुए है। पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। सीओ हरीश भदौरिया ने बताया कि पकड़े गए हत्यारोपियों में विशांत पुत्र लोकेंद्र व वीशु पुत्र बिट्टू शामिल है। पूछताछ के दौरान दोनों से हत्या में प्रयुक्त दो तमंचे 315 व 312 बोर व एक खोखा व मृतक का मोबाइल भी बरामद किया गया है।
नहीं है अफसोस, हमने ही मारा विशाल को
पकड़े गए हत्यारोपियों में विशांत व वीशु ने बताया कि छह साल पहले विशाल से दोस्ती हो गई थी, लेकिन दोस्ती की आड़ में वह हमारी बहन पर गंदी नजर रखने लगा था। कई बार विशाल को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह लड़ने लगता था और उसने कई बार हमारे साथ मारपीट भी की। कुछ माह पूर्व विशाल ने फेसबुक पर बहन व मां के प्रति अश्लील टिप्पणी की और हमें जान से मारने की धमकी दी थी। जिसके बाद हमने विशाल को मौत के घाट उतार दिया। इसका हमें बिल्कुल भी अफसोस नहीं है, क्योंकि यदि हम उसे नहीं मारते, तो वह हमें मार देता।
कक्षा नौ व कक्षा दसवीं के छात्र है हत्यारोपी
हत्यारोपियों में विशांत कक्षा दसवीं का छात्र है और वीशू कक्षा नौवीं का छात्र है। उन्होंने बताया कि हत्या की रात विशाल घर पर हमें मारने आया था और घर के बाहर आकर गालियां दे रहा था। जिसके बाद विशांत ने फोन कर वीशु को बुलाया। जैसे ही वीशु विशांत के घर पर आया तो विशाल ने उस पर हमला बोला, लेकिन पीछे से विशांत ने विशाल को गोली मार दी, जिससे विशाल जमीन पर जा गिरा। थोडी देर बाद विशाल उठकर भागने लगा, तो हमने उसका पीछा किया और उसे घेरकर एक के बाद एक नौ गोलियां मारी। विशांत ने बताया कि मेरे पास 312 व वीशु के पास 315 बोर का तमंचा था, दोनों ने पहले विशाल के सिर व चेहरे पर चार-चार गोलियां मारी और एक गोली कमर पर मारी।
विशाल की हत्या में हम दो ही थे शामिल
हत्यारोपियों ने बताया कि विशाल को मौत के घाट उतारने वाले हम दोनों ही है, अन्य कोई नहीं है। जानबूझकर हमारे परिजनों का नाम लिखवाया गया है, जो झूठा है। बताया कि हत्या के बाद विशाल की बाइक जंगल में छिपा दी थी और तकरीबन एक बजे घर पर आकर सो गए थे।