बड़ौत। जनपद में अब तक 4.97 लाख लोगों को पहली व दूसरी डोज लग चुकी है। खास बात यह है कि यहां दुरुपयोग न करके प्रशिक्षित वैक्सीनेटर एक वायल से 11 डोज तक निकाल रहे है। हालांकि वेस्टेज की संभावना के चलते वैक्सीन डोज की मात्रा अधिक रखी जाती है। फिर भी इन दिनों वैक्सीन की एक वायल से अतिरिक्त डोज निकाली जा रही है।
कोरोना महामारी को रोकने के लिए इस समय स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का वैैक्सीनेशन पर जोर है। हालांकि हाल में लखनऊ से सप्लाई कम होने से जनपद में वैक्सीन की किल्लत बनी हुई है, फिर भी स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है कि अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगे। विभाग की प्राथमिकता है कि डोज की वेस्टेज बिल्कुल न हो। इसलिए कई टीकाकरण कैंप में कुछ प्रशिक्षित वैक्सीनेटर एक वायल से 11 डोज तक निकाल रहे है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार का कहना है कि कई बार कुछ डोज दुरुपयोग में चले जाते हैं। मगर, प्रशिक्षित और विशेषज्ञ वैक्सीनेटर डोज का दुरुपयोग न करके एक वायल से 11 डोज निकाल देते हैं। कोवाक्सीन में केवल 10 डोज निकल रही है, जबकि कोविशील्ड की वायल में 10 की जगह 11 डोज भी निकल रही है।
एक वायल में 6.2 एमएल मात्रा, एक व्यक्ति को 0.5 एमएल की जरूरत
एक वायल में कोविशील्ड की 10 डोज होती है। इस वायल में 6.2 एमएल मात्रा होती है। इसमें प्रति व्यक्ति को 0.5 एमएल डोज जरूरी है।
4.97 लाख लोगों को लग चुकी है पहली व दूसरी डोज
सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार के अनुसार जनपद में कुल नौ लाख लोगों को वैक्सीन लगी है। 45 से ऊपर आयु वर्ग के 2.40 लाख लोगों को पहली डोज लग चुकी है, जबकि दूसरी डोज 58560 लोगों को लगी है। 18 से 45 आयु वर्ग के 1.94 लाख लोगों को पहली डोज लग चुकी है, जबकि 4539 लोगों को दूूसरी डोज लग चुकी है।
सप्लाई कम होने से हो रही दिक्कतें
इस समय लखनऊ से सप्लाई कम होने से वैक्सीन की किल्लत बनी हुई है। कई बार वैक्सीनेशन कराने गए लोगों को कैंप से बैरंग लौटना पड़ता है। इस समस्या से स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी शासन को अवगत करा चुके है।
बरसात के कारण टीकाकरण की रफ्तार हुई कम
दो दिन से जनपद में लगातार बरसात हो रही है। बारिश के कारण टीकाकरण केंद्रों में टीकाकरण की रफ्तार कम हुई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार का कहना है कि यह बात सही है कि बारिश के कारण वैक्सीनेशन कराने के लिए कम ही लोग घरों से निकल रहे है।