बिचपड़ी में बुखार की चपेट में लोग, नहीं सुधरे हालात
बिचपड़ी गांव में पिछले करीब दस दिन से काफी लोग बुखार की चपेट में आए हुए है। वहां नितिन, श्यामवती, कनिका, विक्रम, रोहताश, मनीष, दीप, क्षमा, विपिन, तनिषा, अंकुर, अरूण, वंश, मिथलेश, आरव आदि बुखार से पीड़ित है। गांव के शिवकुमार समेत अन्य ने बताया कि वहां अधिकतर परिवारों में लोग बुखार से पीड़ित है। एक सप्ताह पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम गई थी और शिविर लगाने के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई। एक घर में बैठकर टीम ने वहां पहुंचने वालों को केवल दवाई बांट दी। उसके बाद गांव में दोबारा से टीम नहीं पहुंची और वहां हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। जबकि बुखार से पीड़ित लोगों का निजी अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है।
बुखार के मरीज बढ़ रहे, स्वास्थ्य विभाग कुछ नहीं कर रहा
गांव के मनोज का कहना है कि गांव में बुखार के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग कुछ नहीं कर रहा है। जबकि कई बार शिकायत कर चुके हैं कि गांव में गंदगी के कारण मच्छर पनप रहे है और उससे भी बीमारियां बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग को शिविर लगाकर घरों में जांच कराकर दवाई देनी चाहिए। उसके बाद ही बीमारियों पर रोक लग सकती है।
किशनपुर बराल में बुखार से एक की मौत, कई बीमार
किशनपुर बराल गांव में इश्त्याक पिछले आठ दिन से बुखार से पीड़ित चल रहा था। उसका परिजनों ने चिकित्सकों के यहां उपचार करवाया, लेकिन उसको आराम नहीं हुआ। परिजनों ने उसे दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया तो वहां भी उसे आराम नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई। गांव में शव के पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। गमगीन माहौल में शव को सुपुर्द-ए-खाक किया। गांव के इरफान, ओमपाल, इलियास, सादिक, अय्यूब, देवेंद्र, सतीश, इमरान ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की।
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