लंदन की रहने वाली लाली को बागपत के बावली गांव की देसी जिंदगी इतनी पसंद आई कि चार दिन तक ग्रामीणों के बीच रहीं। बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया, बच्चों के साथ समय बिताया और खेत में ट्रैक्टर भी चलाया। गांव में बिताए पलों को उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए भारत के ग्रामीण परिवेश और खानपान की खूब तारीफ की। लाली का असली नाम लॉरा पेन (Laura Payne) है।
इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, दिल्ली में मुलाकात के बाद आईं गांव घूमने
बावली गांव के यूट्यूबर शुभम उर्फ बिली से इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद लाली लंदन से सात समंदर पार यहां पहुंचीं। इंस्टाग्राम पर भावनाओं के आदान-प्रदान के बाद दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान दोनों की आमने-सामने मुलाकात हुई। बातचीत और दोस्ती आगे बढ़ी तो शुभम उन्हें अपने गांव बावली लेकर आए। यहां लाली ने ग्रामीण परिवेश को करीब से देखा और चार दिन तक गांव की जिंदगी का अनुभव लिया।
''लंदन की लाली'' नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट चलाने वाली लाली बावली गांव की पट्टी मोल्हू में शुभम के घर पर रुकी थीं। शुभम के पिता सुशील तोमर दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त दरोगा हैं। सुशील ने बताया कि लाली ने गांव में चार दिन बिताए। इस दौरान वह मोहल्ले में घूमीं, बुजुर्गों से मिलकर आशीर्वाद लिया और उनके साथ चाय पी। बच्चों के साथ भी समय बिताया। उन्होंने बड़ौत में भी भ्रमण किया।
गांव के रहन-सहन, देसी खानपान और खाट पर आराम करने के अनुभवों को भी लाली ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर साझा किया है। 28 अक्तूबर को साझा किए गए एक वीडियो पोस्ट में लाली खेत में ट्रैक्टर चलाती नजर आ रही हैं और उनके साथ शुभम उर्फ बिली बैठे हैं। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा कि जब लंदन की युवती पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भारतीय काउबॉय से दोस्ती करती है तो ऐसा ही नजारा देखने को मिलता है। वीडियो में ''ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे'' गाना भी बज रहा है।
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