बागपत। हाईकोर्ट में यूपी सरकार के हलफनामे से किसान खुश नहीं है। किसानों ने कहा उन्हें पिछले गन्ना पेराई सत्र का मूल ही नहीं मिला और ब्याज भी सरकार माफ करने की तैयारी में है।
सरकार का यह कदम सही नहीं है। पिछले पेराई सत्र के मूल का भी अब तक भुगतान नहीं किया, ऐसे में सरकार को चीनी मिलों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन इन्हें इनाम दिया जा रहा है। किसानों ने कहा सरकार का रवैया ठीक नहीं है। किसी भी कीमत पर इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अकेले बागपत जिले के किसानों का पिछले पेराई सत्र का ब्याज चीनी मिलों पर 3020.28 लाख रुपये हैं।
रालोद नेता और जिला पंचायत सदस्य ठाकुर प्रदीप सिंह ने कहा प्रदेश सरकार की नियत ठीक नहीं है। जिन चीनी मिलों ने मूल भी नहीं चुकाया, उनकी ब्याज माफी क्यों की गई।
बागपत के ब्लॉक प्रमुख सुभाष गुर्जर ने कहा पहले किसानों का भुगतान कराना चाहिए था। जिन चीनी मिलों ने भुगतान ही नहीं किया। आखिर उनके प्रति ऐसा रवैया क्यों अपनाया जा रहा है।
भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर ने कहा गन्ना भुगतान न होने से किसान परेशान हैं, लेकिन सरकार का रवैया ठीक नहीं है। असलियत अब सबके सामने आ चुकी है।
सपा के नगराध्यक्ष भूरू सभासद ने कहा चीनी के अलावा शीरा, खोई और मैली के दाम गिर जाने के कारण सरकार को ऐसा करना पड़ा। सरकार किसान हितैषी है।
चीनी मिल ब्याज
मलकपुर 1873.23
किनौनी 623.58
दौराला 16.36
भैसाना 70.80
तितावी 35.05
खाईखेड़ी 45.33
खतौली 3.25
मोदीनगर 90.97
बृजनाथपुर 7.85
नंगलामल 3.95
(रुपये लाख में।)