इसके बावजूद भी प्रत्याशियों ने खूब भीड़ जुटाकर आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई और उनके फोटो व वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए वायरल की गई। इस कारण ही प्रत्याशियों, नेताओं व कार्यकर्ताओं पर चुनाव आचार संहिता के 26 मुकदमे दर्ज किए गए है। यह अधिकतर केस सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए वीडियो व फोटो डालने के बाद किए गए है।
वर्ष 2017 के चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन के केवल 15 मुकदमे दर्ज हुए थे। पुलिस ने अब तक दस मुकदमों में चार्जशीट लगाई गई है, जबकि अन्य में तैयारी कर रही है। चुनाव के बाद भी प्रत्याशियों, नेताओं व कार्यकर्ताओं की परेशानी बढ़ती दिख रही है।
रालोद नेताओं ने सबसे ज्यादा किया आचार संहिता का उल्लंघन
आचार संहिता उल्लंघन करने में किसी भी पार्टी के नेता पीछे नहीं रहे। आचार संहिता का सबसे ज्यादा रालोद के प्रत्याशियों ने उल्लंघन किया है। बड़ौत प्रत्याशी जयवीर तोमर सबसे आगे रहे है तो छपरौली प्रत्याशी अजय कुमार व बागपत प्रत्याशी अहमद हमीद पर भी मुकदमे दर्ज हुए है।
भाजपा के बागपत से प्रत्याशी योगेश धामा और बड़ौत प्रत्याशी केपी मलिक भी आचार संहिता उल्लंघन करने में पीछे नहीं रहे। कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर भी आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे दर्ज हुए है।
आचार संहिता उल्लंघन के दस मुकदमों में चार्जशीट लग चुकी है। विवेचक चुनाव कराने दूसरी जगहों पर गए थे, जिससे विवेचनाओं का कार्य रुक गया था। अब आने पर वह अन्य मुकदमों की विवेचना करके जल्द ही चार्जशीट दाखिल करेंगे। - नीरज कुमार जादौन, एसपी