भड़ल में चर्मशोधन इकाई ध्वस्तीकरण का मामला
- सीओ और पुलिसकर्मियों से उलझी महिलाएं करती रहीं खींचतान, जेसीबी के आगे भी अड़ी
- करीब ढाई बजे शुरू हुआ बवाल छह बजे तक चला, दूसरी मशीन मंगवाकर हुआ ध्वस्तीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। भड़ल गांव में चर्मशोधन इकाइयों का ध्वस्तीकरण रोकने के लिए संचालकों ने महिलाओं को आगे करके पुलिस से भिड़ा दिया। महिलाएं आगे आकर सीओ व अन्य पुलिसकर्मियों से उलझ गई और लोगों ने पीछे से प्रशासन, पुलिस व प्रदूषण विभाग की टीम पर पथराव कर दिया। साढ़े तीन घंटे तक बवाल चलता रहा। इस बीच घंटों तक ध्वस्तीकरण कार्य रुका रहा। पथराव में एक जेसीबी क्षतिग्रस्त होने के बाद दूसरी मशीन मंगवाकर ध्वस्तीकरण कराया गया।
भड़ल गांव में चर्मशोधन इकाइयों को ध्वस्त कराने के लिए शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे बड़ौत एसडीएम पूजा, सीओ युवराज सिंह, प्रदूषण नियंत्रण विभाग मेरठ के अवर अभियंता एनपी सिंह भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे थे। अधिकारियों को अंदेशा था कि महिलाएं हंगामा कर सकती है, इसलिए ही महिला थाना पुलिस को साथ लेकर गए थे। जब आबादी के बीच मौजूद चर्मशोधन इकाइयों का ध्वस्तीकरण शुरू हुआ तो लोगों में हड़कंप मच गया। यहां कोई एक नहीं, बल्कि 84 चर्मशोधन इकाइयां थी। भारी पुलिसबल देख इकाई संचालकों ने ध्वस्तीकरण रुकवाने के लिए महिलाओं को आगे भेज दिया। इसके बाद पथराव शुरू हो गया। पुलिसकर्मी इधर उधर भागकर जान बचाते दिखे। साढ़े तीन घंटे तक हंगामा होता रहा। ढाई बजे शुरू हुई कार्रवाई छह बजे ध्वस्तीकरण के साथ पूरी हुई।
पथराव के बाद महिला पुलिसकर्मियों ने संभाली कमान
हंगामा कर रही महिलाओं को संभालने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को आगे आना पड़ा। पथराव होने के बाद लाठीचार्ज किया गया। हंगामा कर रही करीब दस महिलाओं को महिला पुलिसकर्मियों ने हिरासत में ले लिया।
बवाल देख उड़ गए अफसरों के होश
भड़ल गांव में चर्मशोधन इकाइयों के ध्वस्तीकरण के दौरान पथराव व तोड़फोड़ होने के कारण अफसरों के होश उड़ गए थे। साढ़े तीन में स्थिति संभलने के बाद कार्रवाई की गई। कार्रवाई होने पर अफसरों ने राहत की सांस ली।