बड़ौत। अंकल, हमें अम्मी-अब्बा से मिला दो। ये गुहार उन तीन सगी बच्चियों की है जो नगर के गुराना रोड स्थित मदरसे के निकट से पुलिस को मिली हैं। तीनों बच्चियों का रो रोकर बुरा हाल है। बच्चियों के लावारिस हालत में मिलने पर लोग तरह तरह के कयास लगा रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि उनके माता पिता बच्चियों को छोड़कर चले गए हैं। जबकि कुछ यह भी मान रहे हैं कि भूलवश बच्चियां छूट गई हों। वजह जो भी हो, लेकिन तीनों बच्चियां अपनी अम्मी और अब्बा से मिलने को बेक रार हैं। पुलिस और आम नागरिकों ने दिन भर बच्चियों की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल की। लेकिन बच्चियों के माता पिता का कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने तीनों बच्चियों को चाइल्डस वेलफेयर कम्यूनिटी भेज दिया।
नगर की गुराना रोड़ पर मदरसे के निकट गत देर रात्रि तीन मासूम बच्चियों के रोने की आवाज आई। आसपास के लोग बच्चियों के पास पहुंचे और उनके माता पिता की आसपास तलाश की। लेकिन कहीं पता नहीं चल सका। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची। रात्रि में तीनों बच्चियां गुराना रोड निवासी जब्बार के सुपुर्द कर दी गई थी। बृहस्पतिवार को कोतवाली पुलिस ने बच्चियों के माता पिता की तलाश करने का प्रयास किया। बच्चियों की फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर की गई लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस ने तीनों बच्चियों को चाइल्ड्स वेलफेयर कम्यूनिटी बागपत भेज दिया गया। इनमें एक बच्ची ने अपना नाम इकरा, दूसरी ने इसरा और तीसरी ने इकराना बताया। इकरा की उम्र लगभग तीन साल है। जबकि दोनों बच्चियां एक व दो साल की हैं। तीनों ही सगी बहन बतायी जा रही हैं। इकरा ने तुतलाते हुए बताया कि उनकी अम्मी और अब्बा गाड़ी से लेकर आए थे। वह यहां छोड़कर चले गए। पिता का नाम पीलू बता रही है। बच्ची इतना बताते हुए बार बार यही दोहराती रही कि अंकल हमें अम्मी अब्बा से मिला दो।
सोशल मीडिया और एनाउंस का लिया सहारा
- इंस्पेक्टर अजय शर्मा का कहना है कि तीनों बच्चियों को उनके माता पिता से मिलवाने के लिए सोशल मीडिया और धार्मिक स्थलों से एनाउंस का सहारा लिया है। लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। प्रयास किया जा रहा है।