तीसरा आरोपी युवक फरार, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों को सुधार गृह मेरठ भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में किशोरी का अपहरण कर पड़ोसी दो किशोरों और एक युवक ने सामूहिक दुष्कर्म किया। कोतवाली पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर दो किशोरों को गिरफ्तार कर लिया जबकि युवक फरार है। पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें किशोर सुधार गृह मेरठ भेज दिया गया।
सीओ युवराज सिंह ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का व्यक्ति दो दिन पहले कोतवाली में शिकायत लेकर आया था। बताया था कि पड़ोस में रहने वाले दो किशोर और एक युवक घर से उसकी नाबालिग बेटी को उठाकर जंगल में ले गए और सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे जंगल में छोड़कर फरार हो गए। बेटी किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को आप बीती बताई। सीओ ने बताया कि इस मामले में तत्काल प्रभाव से मामला दर्ज करते हुए दो किशोरों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि युवक फरार हो गया। पकड़े गए दोनों किशोरों की उम्र 15-15 साल है। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें किशोर सुधार गृह मेरठ भेज दिया गया है। फरार युवक की तलाश जारी है। उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मोबाइल में पोर्नोग्राफी ने बना दिया अपराधी
सीओ युवराज सिंह के मुताबिक पूछताछ में पकडे़ गए दोनों किशोरों ने बताया कि अक्सर माता-पिता से नजर बचाकर मोबाइल में पोर्न फिल्म देखते थे। इसी का नतीजा था कि तीनों ने किशोरी का अपहरण किया और जंगल में लेकर सामूहिक दुष्कर्म जैसी घिनौनी करतूत की। दोनों किशोरों को मेरठ स्थित सुधार गृह भेजा गया है। दोनों को अपराध से तौबा करने और सुधरने का पूरा मौका दिया जाएगा।
बच्चे क्या कर रहे, माता-पिता रखें नजर
दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज में मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अंशु अग्रवाल का कहना है कि बच्चे अगर अपराध की ओर बढ़ रहे है, इसके लिए काफी हद तक परिजन जिम्मेदार है। पहले गली-मोहल्ले में खडे़ रहने वाले बच्चों को पड़ोसी डांट देता था और परिजनों को आकर बताता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। न तो परिजन ही बच्चों को रोकते है और न ही किसी पड़ोसी को यह कहते है कि यदि हमारा बच्चा कहीं गलत जगह खड़ा हुआ है, तो हमें बताएं। मोबाइल फोन भी बच्चों के अपराध के लिए जिम्मेदार है। अभिभावकों को यह देखना चाहिए कि बच्चा आखिरकार मोबाइल में क्या-क्या करता है। इसके अलावा पहले पूरा परिवार एक-साथ रहता था तो बच्चों पर निगरानी रहती थी। मगर, अब लोग परिवार से अलग रहते है तो यह भी एक वजह है। साथ ही नैतिक शिक्षा की बच्चों को जरूरत है।