Baghpat News: बड़ौत की पट्टी चौधरान में 14 अगस्त 2022 की रात नशेड़ी अमरपाल ने अपने पिता ब्रजपाल और दो बहनों अनुराधा व ज्योति की हत्या कर दी थी। कोर्ट ने बृहस्पतिवार को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। चार बहनों के इकलौते बेटे अमरपाल को सजा दिलाने के लिए मां शशिबाला ने ही केस लड़ा।
बड़ौत की चौधरान पट्टी में पिता ब्रजपाल, बहन अनुराधा व ज्योति की हत्या करने वाले अमरपाल उर्फ लक्ष्य तोमर की पैरवी करने के लिए शादीशुदा बहनें आगे आईं। उन्होंने अमरपाल को जमानत दिलाने का हर संभव प्रयास किया तो सजा से बचाने के लिए न्यायालय में पैरवी भी की। वहीं मां शशिप्रभा ने इकलौते बेटे को सजा दिलाने के लिए लड़ाई लड़ी और अमरपाल की पैरवी करने पर बेटियों से रिश्ता भी खत्म कर दिया। अब शशिप्रभा ने कहा कि न्यायालय के फैसले से संतुष्ट हूं। मेरे पति और दोनों बेटियों को न्याय मिल गया।
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ब्रजपाल और उनकी बेटी ज्योति व अनुराधा की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
बड़ौत की चौधरान पट्टी की गली नंबर-4 में रहने वाली शशिप्रभा का घर 14 अगस्त 2022 की रात उजड़ गया था। इकलौते बेटे को गलत संगत से बचाने के लिए उन्होंने बेदखल करने का कदम उठाया, मगर बेटे ने पिता ब्रजपाल, बहन अनुराधा व ज्योति की हत्या कर परिवार ही खत्म कर दिया। तिहरे हत्याकांड के बाद परिवार में शादीशुदा बेटी पूजा और आरती रह गई थीं, जिनकी शादी कल्याणपुर और जिवाना गांव में पहले ही हो चुकी थी।
पुलिस ने आरोपी अमरपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामला न्यायालय में जाने के बाद शशिप्रभा ने पति व दो बेटियों की हत्या करने वाले इकलौते बेटे को सजा दिलाने के लिए पैरवी शुरू कर दी। शशिप्रभा को सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब उसकी बेटी पूजा ने अपने भाई अमरपाल की पैरवी शुरू कर दी। उन्होंने अमरपाल की जमानत याचिका भी दायर कराई, लेकिन न्यायाधीश ने मंजूर नहीं की।
शशिप्रभा की उम्र 62 साल होने के बाद भी वह अपनी चार बीघा जमीन पर खुद मेहनत करके खेती करती रहीं। साथ ही न्यायालय में पति व बेटियों की हत्या के केस में पैरवी करती रहीं। यहां लड़ाई भी अपने बेटे को सजा दिलाने के लिए चल रही थी और लड़ाई में उसे बचाने के लिए खड़ी बेटियों के सामने डटकर खड़ी रहीं। शशिप्रभा ने बताया कि चार साल पांच दिन की लड़ाई के बाद बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने अमरपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन्होंने बताया कि अगर आदेश को लेकर उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी, तो वहां भी पैरवी करेंगी।
पैरवी करने पर बेटियों से नाता तोड़ा
शशिप्रभा ने बताया कि पति और दो बेटियों की हत्या के मामले में उसकी दो बेटियां आरोपी अमरपाल को जेल से छुड़ाने के लिए पैरवी करने लगीं। इसका पता चलने पर उसने अपनी बेटियों से पहले बात की, मगर वह नहीं समझी। इसलिए उनसे रिश्ता तोड़ दिया था। तब से पूरी तरह अकेली है।
अमरपाल ने उच्च न्यायालय में पैरवी के लिए मांगा अधिवक्ता
जेल से बृहस्पतिवार को न्यायालय में लाया गया अमरपाल उर्फ लक्ष्य तोमर काफी खुश था, उसे आभास नहीं था कि उसे सजा होने वाली है। सजा सुनाई जाते ही अमरपाल की आंखों से आंसू आए और इसके बाद उसने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें अमरपाल ने कहा कि उच्च न्यायालय में पैरवी के लिए उसके पास रुपये नहीं हैं। इसलिए उसे सरकारी खर्चे पर अधिवक्ता मुहैया कराया जाए। उसकी बहन पूजा निवासी कल्याणपुर का कहना है कि सजा के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय प्रयागराज में अपील करेंगे।