करीब एक वर्ष से चल रहा मेरठ-बागपत मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। मेरठ-बागपत मार्ग के चौड़ीकरण कार्य में पेड़ कटान, विद्युत लाइन और ग्रामीणों का विरोध बाधक बना है। इसकी वजह से जगह-जगह निर्माण कार्य रुका हुआ है। ऐसे में राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मेरठ से बागपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर होते हुए राजस्थान बॉर्डर तक एनएच-334बी का निर्माण होना है। इसके तहत मेरठ-बागपत मार्ग के चौड़ीकरण कार्य को शुरू हुए एक वर्ष पूरा हो चुका है। मगर, कई जगह इस मार्ग पर निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। जगह-जगह रोड़ी और मिट्टी डालकर छोड़ दी गई है। ऐसे में रास्ते में उड़ने वाली धूल से राहगीरों को काफी परेशानी होती है। कुछ जगह पेड़ का कटान न होने से तो कुछ स्थानों पर विद्युत लाइन बीच में आने से चौड़ीकरण कार्य में बाधा आ रही है। इसके अलावा बालैनी और टटीरी के ग्रामीणों का विरोध भी निर्माण कार्य में बाधक बना है। बालैनी में टोल प्लाजा का निर्माण कार्य चल रहा है।
मेरठ-बागपत मार्ग का निर्माण कार्य अक्टूबर माह तक पूरा होने की उम्मीद थी। मगर, पेड़ों का कटान न होने और विद्युत लाइन शिफ्टिंग के लिए अनुमति मिलने में देरी से कार्य में विलंब हो रहा है। इसके अलावा आबादी वाले क्षेत्रों में ग्रामीणों का विरोध भी निर्माण कार्य में बाधा बन रहा है। - सुनील कुमार, महाप्रबंधक, राज श्याम कंस्ट्रशन।