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अधिग्रहीत भूमि के अवार्ड की तैयारी

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बागपत। भारत माला परियोजना के तहत प्रस्तावित दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जाएगी। प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहीत भूमि पर आई सभी आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया हैं। अब एनएचएआई अवार्ड घोषित करने की तैयारी कर रहा है। अप्रैल माह में यह प्रक्रिया भी पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद टेंडर निकाले जाएंगे।
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दिल्ली से देहरादून तक इकनॉमिक कॉरिडोर नौ चरण में बनेगा। दो चरण दिल्ली में, चार चरण यूपी में और तीन चरण उत्तराखंड में होंगे। बागपत जिले के 21 गांव से होकर यह एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। करीब 41.75 किलोमीटर के टुकड़े का निर्माण होगा। पहले चरण में अक्षरधाम से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से मवी कलां कट तक पुराने हाइवे का ही चौड़ीकरण किया जाएगा। दूसरे चरण में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के मवी कलां कट से सहारनपुर तक नए कॉरिडोर का निर्माण होगा। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से सहारनपुर बाईपास तक 118 किलोमीटर के हाइवे पर करीब पांच हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। तीसरे चरण में सहारनपुर के गणेशपुर से देहरादून तक हाइवे बनेगा। यह हिस्सा एलिवेटेड, सुरंग और चौड़ीकरण से बनेगा। इसमें करीब 1600 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत भूमि के अवार्ड घोषित करने की प्रक्रिया अप्रैल माह तक पूरी किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। - संजय कुमार मिश्रा, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।
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