बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर मवीकलां टोल के पास पीपल फॉर एनिमल्स संस्था, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक अंतरराज्यीय तोता तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने तीन शिकारियों को गिरफ्तार कर उनकी कार से आठ पेटियों में रखे 170 अलेक्जेंड्राइन तोते बरामद किए। ये तोते राजस्थान से पकड़कर दिल्ली और गाजियाबाद में बेचे जाने थे। पीपल फॉर एनिमल्स संस्था के प्रभारी गौरव गुप्ता ने बागपत कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई।
पीपल फॉर एनिमल्स संस्था के प्रभारी गौरव गुप्ता ने बताया कि सोमवार सुबह वन विभाग और बागपत कोतवाली पुलिस ने अभियान चलाया। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के मवीकलां टोल से नीचे उतर रही गाड़ी को चेकिंग के लिए रोकने का प्रयास किया तो चालक ने भगाने लगा। इसके बाद घेराबंदी कर कार सवार खुर्शीद निवासी बगियाफजल, राज और मोहसिन निवासी जेल किला जितला कन्नौज को गिरफ्तार कर लिया। वहीं इनके दो साथी सौराब निवासी लोनी और शमीम निवासी गोकुलपुरी दिल्ली माैका देखकर भाग गए। संस्था प्रभारी गौरव गुप्ता ने बताया कि बरामद किए गए तोते दिल्ली और लोनी में बेचे जाने थे। पकड़े गए आरोपी कन्नौज के रहने वाले शिकारियों के गिरोह के सदस्य हैं, जो बाज, उल्लू समेत अन्य वन्यजीवों का शिकार करके बेचते हैं। सौराब और शमीम के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हो चुके हैं।
-बोलने वाला तोता बताकर बेचते हैं
संस्था के प्रभारी गौरव ने बताया कि शिकारियों के पास मिले तोते काफी छोटे हैं, जिनमें अधिकांश एक महीने के आसपास के हैं। बाजार में इन तोतों को बोलने वाला बताकर 15-20 हजार रुपये में बेचा जाता है। अभी कई तोतों की हालत खराब है, उनके उड़ने लायक होने के बाद जंगल में छोड़ दिया जाएगा। इसके अलावा दीपावली पर्व के आसपास बलि देने के लिए बड़ी संख्या में उल्लू की तस्करी करते हैं। उस समय दो-दो लाख रुपये में उल्लू बेचे जाते हैं।