बागपत, रटौल। हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से शरफाबाद गांव में 250 बीघा फसल डूब गई है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो गया है। वहीं सिंचाई विभाग ने गंगा बाढ़ नियंत्रण विभाग मेरठ के अधीक्षण अभियंता को पानी कम छोड़ने के लिए पत्र लिखा है। जिससे किसानों की फसल को कोई नुकसान न हो।
हिंडन नदी में खतौली से पानी छोेड़ा जा रहा है, जिससे जलस्तर बढ़ रहा है। पानी अधिक आने के कारण किसानों की फसल डूबने लगी हैं। शरफाबाद गाव में किसानों की बोई हुई लगभग 250 बीघा फसल डूबी है। इसमें जाकिर की 10 बीघा मूली, इकलास की 6 बीघा मूली, नौशाद की 10 बीघा, आबिद आठ बीघा, पप्पू आठ बीघा, खालिद की पांच बीघा, फकीरा उर्फ शाहिद 10 बीघा, संसार की पांच बीघा, बाबू नौ बीघा, आशे की दस बीघा ज्वार, बाजरा, ईख की फसल डूबी है। इससे किसानों के परिवार पर रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है।
- 10 बीघा जमीन ठेके पर ली थी। मूली की फसल बो रखी थी, लेकिन पानी के कारण फसल डूब गई है, जिससे खराब होने का खतरा बना हुआ है। - जाकिर अली
- आठ बीघा जमीन में मूली की फसल बो रखी थी। फसल की बुवाई में 50 हजार रुपये का खर्च आया था, लेकिन फसल डूबने से परिवार का पालन पोषण करने में परेशानी होगी। - पप्पू
- फसल डूबने के कारण बच्चों की फीस व परिवार का पालन पोषण की चिंता हो गई है। प्रशासन भी हिंडन नदी में पानी को लेकर गंभीर नजर नहीं है। - आशे कश्यप
वर्जन
- हिंडन नदी में खतौली व जानी नहर का पानी आने के कारण ओवरफ्लो हो रहा है। पानी कम को लेकर गंगा बाढ़ नियंत्रण विभाग मेरठ के अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखा गया है, ताकि हिंडन नदी का जलस्तर कम किया जा सके। - अमित चौधरी, एसडीओ सिंचाई विभाग