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पुत्र ने ही सुपारी देकर कराई थी किसान नेपाल की हत्या

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बागपत ::::::: पुलिस हिरासत में खेकड़ा निवासी किसान नेपाल के हत्यारोपी। - फोटो : KAHKRA
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28 सितंबर की सुबह फखरपुर रोड पर गोली मारकर कर दी गई थी नेपाल की हत्या
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तलाक का मुकदमा कराने वाली पुत्रवधू को समझौता होने के बाद भी घर में घुसने नहीं देना बना वजह
पुलिस ने पुत्र सहित चार को गिरफ्तार किया, आरोपियों में एक नाबालिग छात्र भी शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा (बागपत)। दो माह पूर्व हुए मोहल्ला औरंगाबाद निवासी वृद्ध किसान नेपाल सिंह हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। किसान की हत्या उसके ही पुत्र ने 50 हजार रुपये की सुपारी देकर कराई थी। वजह थी कि नेपाल तलाक का मुकदमा कराने वाली पुत्रवधू को समझौता होने के बाद भी घर में घुसने नहीं दे रहा था। पुलिस ने पुत्र सहित चारों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में एक नाबालिग छात्र भी शामिल है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक देसी तमंचा और मोटरसाइकिल बरामद कर चालान कर दिया।
मोहल्ला औरंगाबाद निवासी वृद्ध किसान नेपाल सिंह 28 सितंबर की सुबह फखरपुर रोड पर घूमने के लिए गया था। रास्ते में कुछ लोगों ने उसे गोली मार दी थी। परिजन घायलावस्था में उसे दिल्ली अस्पताल में ले गए थे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। नेपाल के चचेरे भाई के पुत्र धर्मवीर ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराते मोहल्ले के ही दो सगे भाई बृजेश और संजय को नामजद किया था। पुलिस तभी से मामले की छानबीन कर रही थी। बुधवार की रात पुलिस ने मृतक किसान नेपाल के पुत्र जयवीर और उसके पड़ोसी हरेंद्र के अलावा हरेंद्र के गांव फैजपुर निवासी रिश्तेदार अमित उर्फ काला और औरंगाबाद मोहल्ले के ही एक नाबालिग छात्र को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।
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सीओ युवराज सिंह ने बताया कि किसान नेपाल सिंह के पुत्र जयवीर की वर्ष 2018 में शादी हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद दंपती के बीच विवाद हो गया था। जयवीर ने पत्नी की पिटाई कर थी। इसके बाद उसकी पत्नी अपने पुत्र को लेकर मायके चली गई थी। वहीं से उसने सक्षम न्यायालय में तलाक का मुकदमा डाल दिया था। जयवीर ने अपनी गृहस्थी को बचाने के लिए पत्नी से क्षमा याचना कर भविष्य में उसे परेशान ना करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद पत्नी ने मुकदमा वापस ले लिया। लेकिन नेपाल सिंह पुत्र वधू को घर में नहीं घुसने दे रहे थे। इसी से क्षुब्ध होकर जयवीर ने पड़ोसी हरेंद्र से 50 हजार रुपये में उसकी हत्या का सौदा तय किया। उसे देसी तमंचा व तीन कारतूस उपलब्ध कराए। इसके बाद हरेंद्र ने पड़ोसी नाबालिग छात्र और फैजपुर निनाना के अपने रिश्तेदार अमित उर्फ काला के साथ मिलकर नेपाल की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देसी तमंचा, दो कारतूस और एक बाइक बरामद कर शुक्रवार को आरोपियों का चालान कर दिया।
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कानूनी शिकंजे से बचने के लिए कराई थी झूठी नामजदगी
नेपाल के चचेरे भाई के पुत्र धर्मवीर ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए मोहल्ले के ही दो सगे भाई बृजेश और संजय को नामजद किया गया था। पुलिस ने तभी दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया था। मगर, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था। सीओ युवराज सिंह ने बताया कि जयवीर के परिवार का इन दोनों भाइयों के साथ विवाद बना हुआ था। इसलिए जयवीर ने खुद कानूनी शिकंजे से बचने और इन्हें हत्या के मामले में फंसाने के लिए धर्मवीर से रिपोर्ट में झूठी नामजदगी कराई थी। मगर, जांच में सच्चाई सामने आने पर दोनों भाइयों को कोतवाली से छोड़ दिया गया था।
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