जिले की तीन एंबुलेंस में ही वेंटिलेटर की सुविधा
तीमारदार जरूरत पड़ने पर निजी एंबुलेंस का सहारा लेने को मजबूर
प्रवीण शर्मा
बागपत। जिले में करीब 16 लाख की आबादी पर 35 सरकारी एंबुलेंस हैं। इस तरह एक एंबुलेंस पर लगभग 46 हजार लोगों को अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी है। जिले में महज तीन एंबुलेंस में ही ऑक्सीजन के साथ वेंटिलेंटर की सुविधा है। इसके परिणामस्वरूप लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ता है। उन्हें उपचार के लिए निजी एंबुलेंस का सहारा लेने को विवश होना पड़ता है।
एंबुलेंस के जिला प्रबंधक सनी का दावा है कि जिले में एंबुलेंस सेवा बेहतर है। कॉल करने के बाद मरीजों को जिम्मेदारी के साथ समय पर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। जिले में 108 सेवा की 15, 102 सेवा की 17 एंबुलेंस हैं। 108 सेवा और 102 सेवा की सभी एंबुलेंस ऑक्सीजन व प्राथमिक उपचार से संबंधित दवा से लैस हैं। जिले में केवल तीन एंबुलेंस में ऑक्सीजन के साथ वेंटिलेटर की सुविधा है। इसके चलते गंभीर रोगियों को उपचार के लिए निजी एंबुलेंस का सहारा लेने के लिए विवश होना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस समय पर न पहुंचने से मरीजों को जान गंवानी पड़ जाती है।
कोरोना मरीजों के लिए लगाईं सात एंबुलेंस
जिले में कुल 35 में से सात एंबुलेंस कोरोना संक्रमितों को अस्पताल पहुंचाने के लिए लगाई गईं। इनमें एक ऑक्सीजन व वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस को कोविड के मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में लगाया हुआ है। इसके अतिरिक्त जिला अस्पताल, बड़ौत, छपरौली, खेकड़ा, बिनौली में एक-एक एंबुलेंस लगाई गई हैं।
जिले में सरकारी अस्पतालों का ब्योरा
जिले में बागपत, बड़ौत, बिनौली, छपरौली, खेकड़ा और पिलाना में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अतिरिक्त सरूरपुर व टीकरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड किया है। जिले में तीन अर्बन और 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एक महिला एक जिला संयुक्त अस्पताल है।
वर्जन- जिले में 108 और 102 सेवा की एंबुलेंस पर्याप्त हैं। कॉल आने के 15 से 20 मिनट में एंबुलेंस मौके पर पहुंच रही हैं। कोरोना संक्रमण के चलते ओपीडी बंद होने से एंबुलेंस की मांग कम हुई है। संक्रमण में कमी आने पर पूर्व की भांति लोगों को एंबुलेंस का लाभ प्रदान कराया जाएगा।-सनी कुमार, जिला प्रबंधक एंबुलेंस