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वक्त के साथ पावरलूम में बदल गई खड्डियां

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नगर स्थित एक हैंडलूम इकाई मे चरखे पर कार्य करती महिला मजदूर - फोटो : KAHKRA
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गांधी जयंती पर विशेष :
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- हैंडलूम इकाईयों को एक जिला एक उत्पाद में किया शामिल
- निरपुड़ा, अमीनगर सराय, बागपत में अब भी चल रही खड्डियां
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। राष्ट्रपति महात्मा गांधी ने स्वदेशी अभियान को अपनाने का आह्वान किया था। बुनकरों को काम भी मिला। गांव दर गांव खड्डियां संचालित होती थी। जिन पर सूत से कपड़े बनते थे। खादी की चद्दर, बैडशीट, सूती वस्त्र, टोपी समेत अन्य उत्पाद प्रचलित हुए। निरपुड़ा गांव में सबसे अधिक खड्डियां थी। वर्तमान में अब पायदान और चादर बनाकर पानीपत सप्लाई किए जाते हैं। लेकिन वक्त की रफ्तार के साथ हैंडलूम इकाईयां मात खा रही है। हैंडलूम का काम पावरलूम में बदल गया है और खेकड़ा इसका मुख्य केंद्र बन गया। निरपुड़ा की प्रधान मुनेश देवी का कहना है कि खड्डियों का मुख्य केंद्र निरपुड़ा रहा है, संचालकों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए था।
बापू की खादी आश्रम के उत्पादों में 15 फीसदी तक छूट
बड़ौत। नगर की सब्जी मंडी व घास मंडी के पास स्थित श्री गांधी आश्रम खादी भंडार में खादी, पोली, रेशमी और ऊनी वस्त्रों के साथ ही खादी उत्पादों पर विशेष छूट मिलेगी। श्री गांधी आश्रम के मैनेजर मुन्ना लाल कुशवाह व सहायक कर्मचारी रघुवीर राम अवध गिरि ने बताया कि दो अक्तूबर से खादी उत्पादों पर शुरू हो रही विशेष छूट में रेशम वस्त्रों कोसा, सूती खादी, ऊनी, कंबल, रेशम, पोली खादी आदि पर 15 फीसदी छूट रखी गई है। पूर्व की भांति इस बार भी कपड़ों के साथ ही कश्मीरी शाल, चादर, कंबल पर सभी पर छूट रहेगी। खादी ग्रामोद्योग की वस्तुओं जैसे साबुन, मंजन, बुकनू, अगरबत्ती व शहद पर किसी तरह की छूट नहीं रखी गई है।
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फैक्ट्रियों में कतवा रहे सूत
खेकड़ा। नगर का हथकरघा उद्योग में कुछ फैक्ट्रियों में महिलाओं से चरखे पर सूत का काम कराया जाता है। इससे बने कपड़े का निर्यात किया जाता है। नगर के हथकरघा उद्योग की इक्का दुक्का इकाइयों पर चरखा अपनाया गया है।
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बापू ने बड़ौत में दिया था अहिंसा का संदेश
बागपत। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने बड़ौत में लोगों को अहिंसा का संदेश दिया था। बुजुर्ग जयपाल नौरोजपुर बताते हैं कि वर्ष 1931 में शामली जिले के कांधला से राष्ट्रपिता बड़ौत आए थे और यहां लोगों को अहिंसा का संदेश दिया था। आजादी की लड़ाई में यहां के लोगों को जुट जाने का आह्वान भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने किया था। जिले मेें उनके नाम पर गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज खेकड़ा, महात्मा गांधी इंटर कॉलेज बड़ौत और गांधी स्मारक इंटर कॉलेज की स्थापना की गई है। इसके अलावा शहर में राष्ट्रपिता के नाम पर गांधी बाजार और बड़ौत में गांधी रोड है। इसके अलावा बागपत नगर पालिका में बापू की मूर्ति लगवाई गई है। बड़ौत में उनके नाम पर गांधी पार्क है और यहां मूर्ति भी लगी है।
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