बागपत। जनसंख्या नियंत्रण के लिए चलाई गई योजनाओं का धरातल पर असर नहीं दिखा है। साल 2011 के सापेक्ष अब तक की तुलना करें तो जिले की जनसंख्या करीब दो लाख 97 हजार बढ़ गई है। बढ़ोत्तरी का प्रतिशत करीब 15.38 तक है। जबकि 2001 से 2011 तक जनसंख्या का ग्रोथ रेट 11.95 प्रतिशत था।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की जनसंख्या 1,303,048 लाख थी। जनगणना 2021 का कार्य चल रहा है। नौ साल बाद जिले की औसत जनसंख्या में दो लाख की बढ़ोत्तरी हुई है। जनसंख्या का ग्रोथ रेट करीब 15.38 है। जिस तेज गति से जनसंख्या बढ़ रही है, इससे जाहिर है कि जितने अभियान चलाए जा रहे हैं, उनका अपेक्षित असर नहीं दिखा है। साल 2001 की जनगणना में जिले की जनसंख्या 11.64 लाख थी। साल 2001 से 2011 तक का ग्रोथ रेट 11.95 रहा था।
लोगों को करते हैं जागरूक
बागपत। एसीएमओ डॉ दीपा सिंह ने बताया कि जनसंख्या रोकथाम के लिए जिले में समय-समय पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। परिवार नियोजन की विधियां के साथ महिला और पुरुष नसबंदी के लाभों की जानकारी दी जाती है।
एनएसवी में जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर
बागपत। सीएमओ डॉ आरके टंडन ने बताया कि एनएसवी में दो वर्षों से जिला प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त कर रहा है। शासन की ओर से जिले को दो बार प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है।
लखनऊ से आती है प्रचार सामग्री
बागपत। सीएमओ डॉ आरके टंडन का कहना है कि प्रचार सामग्री लखनऊ से आती है। स्थानीय स्तर पर बजट नहीं होता।
जिले में चलेगा सारथी अभियान
बागपत। विश्व जनसंख्या दिवस पर जिले में सारथी अभियान चलेगा। प्रत्येक ब्लॉक के प्रत्येक गांव के घर-घर जाकर सारथी वाहन लोगों को जनसंख्या नियंत्रण के लिए जागरूक करेगा। विश्व जनसंख्या दिवस पर शासन से सारथी वाहन जिले में भेजा जाएगा, जो छह माह तक जिले में रहेगा। जनसंख्या नियंत्रण प्रभारी एसीएमओ डॉ दीपा सिंह ने बताया कि सारथी वाहन प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक माह तक घर-घर पहुंचेगा तथा लोगों की काउंसिलिंग कर लोगों को जनसंख्या रोकथाम के बारे में जागरूक करेगा।
बड़ौत में बढ़ी जनसंख्या, देहात में घटी
बागपत। साल 2011 की जनगणना के अनुसार बड़ौत की जनसंख्या 103,764 थी। वर्तमान में यहां की जनसंख्या करीब डेढ़ लाख हैं। इसके उलट देहात क्षेत्र में पलायन के कारण जनसंख्या घट रही है। व्यापारी वर्ग, मजदूर और नौकरीपेशा लोगों का देहात क्षेत्र से तेजी से पलायन हुआ है।