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सुन्हैड़ा के नलकूप मिस्त्री की धारदार हथियार मारकर की हत्या

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बागपत मर्डर :::::::::: कोतवाली पुलिस हिरासत में हत्या का आरोपी काठा गांव निवासी अभिषेक। - फोटो : BAGHPAT
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बागपत। सबमर्सिबल ठीक करने के रुपयों को लेकर हुए विवाद में बुधवार को सुन्हैड़ा गांव के मिस्त्री की गर्दन पर धारदार हथियार से हमला करके हत्या कर दी गई। उसका शव काठा-बंदपुर मार्ग पर पड़ा मिला। हत्या का आरोप काठा गांव के पहलवान और उसके साथी पर लगा है। पुलिस ने हत्यारोपी पहलवान को गिरफ्तार कर लिया जबकि उसका साथी फरार है। पुलिस के मुताबिक मिस्त्री के खिलाफ भी जानलेवा हमला सहित कई मुकदमे दर्ज थे। वर्तमान में वह जमानत पर जेल से बाहर था।
सुन्हैड़ा निवासी अमरपाल पंवार (45) नलकूप का मिस्त्री था। उसका शव बुधवार सुबह काठा-बंदपुर संपर्क मार्ग पर पड़ा मिला। किसानों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में मिस्त्री के बेटे उधम सिंह ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उसके पिता ने अभिषेक निवासी काठा के नलकूप का सबमर्सिबल चार दिन पहले ठीक किया था। मंगलवार सुबह सबमर्सिबल दोबारा से बंद हो गया। अभिषेक कई बार उसके पिता को घर से बुलाने आया। वह सबमर्सिबल दोबारा खराब होने के कारण उसके पिता से नाराज था। बुधवार की शाम को वह अभिषेक अपने एक साथी के साथ उनके घर पहुंचा और उसके पिता को ले गया। इसके बाद बंदपुर-काठा मार्ग पर उसके पिता की धारदार हथियार से गर्दन पर हमला करके हत्या कर दी गई।
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कोतवाली प्रभारी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने पूछताछ में बताया कि चार दिन पहले पांच हजार रुपये देकर मिस्त्री अमरपाल से सबमर्सिबल ठीक कराया था। सबमर्सिबल दोबारा खराब होने पर वह अमरपाल को लेकर आया। सबमर्सिबल ठीक करने से पहले अमरपाल ने 100 रुपये की शराब मंगवाई। इसके साथ ही सबमर्सिबल की जांच के 200 रुपये भी दिए। अमरपाल ने सबमर्सिबल ठीक करने के लिए ओर रुपये मांगे। उसने रुपये देने से मना किया तो दोनाें में गाली-गलौज हो गई। इस पर उसने अपने साथी प्रिंस के साथ मिलकर मिस्त्री की हत्या कर दी। पुलिस ने अभिषेक के पास से हत्या में प्रयुक्त दाव बरामद कर लिया है। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया है। उसका साथी प्रिंस अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगी है।
मिस्त्री अमरपाल के खिलाफ दर्ज हैं कई मुकदमे
कोतवाली पुलिस के अनुसार मिस्त्री अमरपाल के खिलाफ वर्ष 2006 में आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्ष 2007 और 2009 में 110जी की कार्रवाई की। वर्ष 2018 में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ था। अमरपाल वर्तमान में जमानत पर जेल से बाहर था।
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अखाड़े में पहलवानी करता था अभिषेक
मिस्त्री की हत्या करने वाला अभिषेक कई साल पहले एक अखाड़े में पहलवानी करता था। वह अखाड़ा पहलवान था और वह कई दंगलों में हिस्सा लेकर कुश्ती लड़ चुका था। वर्तमान में उसने कुश्ती छोड़ दी थी।
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