-फरवरी 2020 को दुकान से चीज दिलाने के बहाने ले गया था खेत पर
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। खेकड़ा क्षेत्र के एक गांव में फरवरी 2020 को घर में खेल रही आठ साल की बच्ची को दुकान से चीज दिलाने के बहाने ईंख के खेत में ले जाकर दुष्कर्म का प्रयास करने वाले को न्यायाधीश ने बीस साल की सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक साल की सजा बढ़ाने के आदेश दिए हैं।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र पंवार और नरेश वेदवान ने बताया कि दस फरवरी 2020 को खेकड़ा कोतवाली में एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें वादी ने बताया कि उसका भाई होली पर्व के अवसर पर अपने बेटे और आठ साल की बेटी को लेकर गांव आया था। दस फरवरी की शाम बच्ची घर के आंगन में खेल रही थी, तभी गांव का ही विजय उर्फ कालू त्यागी वहां आया और उसकी भतीजी को दुकान से चीज दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। इसके बाद भतीजी को लेकर वह गांव के बाहर ईंख के खेत में घुस गया। इसी दौरान वह अपने भाई के साथ खेत से लौट रहा था, विजय उर्फ कालू को बच्ची को ले जाते देख वह भी ईंख के खेत में घुस गए और शेार मचा दिया। आरोप लगाया कि तभी विजय उर्फ कालू उसकी भतीजी को छोड़कर भाग गया। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया। साथ ही जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र पंवार ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय पंचम में हुई। इसमें अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश सुशील कुमार ने विजय उर्फ कालू पर दोषसिद्ध कर दिया था। न्यायाधीश ने बीस साल की सजा और 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।