बड़ौत मे हुए हादसे के बाद एम्बुलेंस नहीं मिलने पर घायल क़ो ठेले से अस्पताल ले जाते लोग
बागपत। निर्वाण महोत्सव में हुए हादसे का मंजर इतना भयावह था कि मचान टूटने के बाद जमीन पर पड़े घायल और मृतकों को देखकर लोगों के सब्र का बांध भी टूट गया। वहां पर घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था पूरी तरह धड़ाम नजर आई तो जुगाड़ काम आया। एंबुलेंस के आने का इंतजार करने के बजाय घायलों को रेहड़ी, ई-रिक्शा, कुर्सियों और सफाईकर्मियों की कूड़ा गाड़ी में डालकर अस्पताल पहुंचाया।
निर्वाण महोत्सव स्थल पर चारों तरफ चीख-पुकार सुनकर लोगों से रहा नहीं गया, कुछ लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन तुरंत एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो पाई। इसके बाद घटनास्थल पर पड़ी बांस की बल्लियों पर डालकर कई घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
इसके अलावा बाहर से गुजर रहे ई-रिक्शा और रेहड़ी में कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर अस्पताल पहुंचकर उपचार मिलने से कई लोगों की जान भी बच गई।
सफाई कर्मियों की कूड़ा गाड़ी भी आई काम : हादसे के बाद लोगों को बचाने में सफाईकर्मियों ने भी अच्छी भूमिका अदा की। हादसे के बाद कई सफाईकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्हें घायल तड़पते मिले। इसके बाद आनन-फानन में लोगों को मचान के नीचे से निकलवाया और अपनी कूड़ा गाड़ी में बैठाकर घायलों को पास के अस्पताल में पहुंचाकर उपचार कराया। संवाद
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