बागपत। बयान दर्ज करने के बहाने लूंब गांव के गाड़ी चालक गुलजार को सोमवार शाम को टांडा चौकी में बुलाकर फट्टे से पिटाई की गई। पुलिसकर्मियों ने गाड़ी चालक को साढ़े तीन घंटे तक चौकी में बैठाकर रखा। हाथ जोड़ने पर गाड़ी चालक को चौकी से घर भेजा गया। इसमें गाड़ी चालक गुलजार ने एसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
लूंब गांव के गाड़ी चालक गुलजार ने बताया कि 15 मई को उसके पास फोन करने वाले ने खुद को पुलिस वाला बताकर हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर के लिए उसकी गाड़ी बुक की। इसके बाद उसकी गाड़ी में बैटरे लादकर गढ़ ले गए। दो दिन पहले उसके पास फिर से फोन आया, जिन्होंने टांडा चौकी में आकर बयान दर्ज करने के लिए कहा। रविवार को वह टांडा चौकी पर पहुंचा, लेकिन वहां पर पुलिसकर्मी नहीं मिले। इसके बाद सोमवार शाम फिर से फोन कर टांडा चौकी में बुलाया गया। बताया कि सोमवार शाम करीब छह बजे वह चौकी में पहुंच गया। वहां पर तैनात एक पुलिसकर्मी जो सिविल वर्दी में था। वह पुलिसकर्मी उसे चौकी में बने एक कमरे में लेकर गया। वहां पर उससे गाड़ी में भेजे गए बैटरों के बारे में पूछताछ की गई। आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ने गढ़ की पुलिस आने की धमकी देकर उसे डराया और गाड़ी से रास्ते में बैटरे चोरी कबूल कराने का प्रयास किया। गुलजार ने आरोप लगाया कि टांडा चौकी के पुलिसकर्मी से गढ़ के दरोगा की बात कराई, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद कमरे में रखा फट्टा उठाकर उसे पीटना शुरू करा दिया। उसके हाथों पर कई पट्टे मारे गए, जिससे हाथों में सूजन हो गई है। इसके बाद रात करीब साढ़े नौ बजे तक उसे कमरे में बंद करके रखा गया।
वर्जन-गाड़ी चालक की शिकायत मिली है। प्रथमदृष्टया जांच में पता चला कि गाड़ी चालक को उत्तराखंड पुलिस ने बुलवाया था। पूरे मामले की जांच सीओ बड़ौत को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने पर जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सूरज कुमार राय, एसपी।