बागपत। करीब 17 लाख रुपये कीमत के पाइप से लदे ट्रक लूट की साजिश चालक और परिचालक ने साथियों के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने साजिश में एक आरोपी को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया है। उसके पास से ढाई लाख रुपये भी बरामद किए हैं। चालक, परिचालक एक अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
एएसपी मनीष कुमार मिश्र ने बताया कि गुरुदेव पुत्र बलवीर निवासी मुगल माजरा गोविंदगढ़ मंडी फतेहगढ़ साहिब पंजाब व्यापारी हैं। 27 मई को उनका 12 टायर ट्रक मंडी गोविंदगढ़ से लोहे के पाइप लेकर लखीमपुर खीरी के लिए चला था, लेकिन ट्रक अपने गंतव्य पर नहीं पहुंचा था। चालक दर्शन सिंह से 29 मई की सुबह मोबाइल पर बात हुई। उसने बताया कि वह लखीमपुर खीरी पहुंचने वाला है। इसके बाद से चालक और परिचालक रोहित के मोबाइल बंद थे। चालक के मोबाइल की आखिरी लोकेशन बागपत के निवाड़ा गांव की मिली। इंतजार करने पर वह अपने साथियों के साथ बागपत पहुंचे और चार जून को चालक व परिचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। ट्रक दिल्ली-यमुनौत्री हाईवे पर गुफा वाले बाबा के मंदिर के पास एक ढाबे पर खड़ा मिला था। ट्रक से लोहे के पाइप व अन्य सामान गायब था। उन्होंने ट्रक चालक और क्लीनर पर ट्रक में लदे लोहे के पाइप को बेच देने व ट्रक के दस नये टायर निकालकर उनकी जगह पुराने टायर लगाने का आरोप लगाया था।
जांच के दौरान बागपत कोतवाली पुलिस और एसटीएफ टीम मेरठ ने संयुक्त रूप से गिरोह के सदस्य तरनजीत सिंह उर्फ विक्की पुत्र हरजीत सिंह निवासी मोहल्ला तेग बहादुर, थाना तरनतारन सिटी, पंजाब को गौरीपुर तिराहे से गिरफ्तार किया। उसके पास से ढाई लाख रुपये नगद बरामद हुए। आरोपी ने बताया कि कुछ दिन पूर्व वह उसके साथी मलकित तथा ट्रक चालक दर्शन सिंह और परिचालक रोहित ने ट्रक को माल सहित गायब कर माल बेचने की योजना बनाई थी। योजनानुसार चालक दर्शन सिंह ट्रक लखीमपुर खीरी न ले जाकर 29 मई की शाम कस्बा चांदपुर बिजनौर लेकर आ गया और लोहे के पाइपों को ग्राम महमूदपुर के पास स्कूल मैदान में उतार दिया। ट्रक के टायर भी मलकित ने अपनी गाड़ी में बदलवा दिए थे। खाली ट्रक बागपत में ढाबे पर छोड़कर चले गए थे। मलकित ने ही माल बेचा था और उसे 2.50 लाख रुपये दिए थे। वह चालक दर्शन और परिचालक रोहित का इंतजार कर रहा था। उन्हें भी उनके हिस्से के पैसे देने थे। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, कोर्ट ने उसे जेल भेजा।