दोघट। पलड़ी गांव में बच्चों के बीच हुए झगड़े में रविवार को दोनों परिवारों के लोग धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद भी पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया। उनका आरोप है कि एक दरोगा उनसे सुविधा शुल्क की मांग कर रहा है। पुलिस के विरोध में ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया।
पलड़ी गांव में दो दिन पहले बच्चों में झगड़ा होने के बाद दो परिवारों में विवाद हो गया था। शौकीन पक्ष ने थाने में तहरीर दी थी। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। उन्होंने समझौतानामा लिखकर थाने में दे दिया। आरोप है कि रविवार को एक दरोगा ने दोनों पक्षों को दाहा चौकी में बुलाया और एक पक्ष के हरवीर को चौकी में ही बैठा लिया। इससे नाराज ग्रामीणों ने गांव के चौराहे के पास पुलिस के खिलाफ धरना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दरोगा ने सुविधा शुल्क की मांग की थी। सुविधा शुल्क देने में असमर्थता जताने पर दरोगा ने हरवीर को चौकी में बैठा लिया। बाद में सुविधा शुल्क देने के आश्वासन पर छोड़ा है। ग्रामीणों ने एडीजी से मिलने का निर्णय लिया है। वहीं इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले में एनसीआर काट दी गई थी। समझौता होने पर उन्हें छोड़ दिया था। दरोगा पर सुविधा शुल्क मांगे जाने का आरोप निराधार है।