- फॉगिंग मशीन, व्हील चेयर, सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य सामान प्रधानों की जानकारी के बिना खरीदकर भिजवाए
- बिल मिलने के बाद चला खरीद होने का पता, अब अधिकारियों के विरोध में उतरे प्रधान
- किसी ने सामान वापस लौटाया तो अधिकतर ने बिल भुगतान का विरोध किया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जनपद के गांवों में प्रधान केवल नाम के लिए रह गए है। क्योंकि गांवों के लिए अफसर सभी सामान खुद ही खरीद रहे हैं। प्रधानों से उसके लिए पूछते नहीं है और उनको केवल भुगतान के लिए बिल भेज दिया जाता है। इस तरह किसी एक सामान में नहीं हुआ है, बल्कि फॉगिंग मशीन, व्हील चेयर, सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य सामान प्रधानों की जानकारी के बिना खरीद कर बिल भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है। इसके विरोध में प्रधान उतर गए है। किसी ने सामान वापस लौटा दिया जो कोई बिल भुगतान का विरोध कर रहा है।
ज्यादा कीमत में खरीदी गई फॉगिंग मशीन
सबसे पहले फॉगिंग मशीन की खरीद में खेल किया गया। फॉगिंग मशीन को अफसरों ने खुद ही ठेकेदार से खरीदकर गांवों में भिजवा दिया। इस पर कुछ प्रधानों ने नाराजगी जताते हुए लेने से इंकार कर दिया और वह खुद फॉगिंग मशीन खरीदकर लाए। इससे खुलासा हुआ कि अफसरों की मशीन 39 हजार रुपये तो प्रधानों की खुद खरीदी हुई केवल 22 हजार रुपये की है।
व्हील चेयर व कैमरे भेजे बिना भुगतान का दबाव
इस तरह ही चुनाव के दौरान व्हील चेयर आठ हजार रुपये में खरीदी गई। किसी गांव में व्हील चेयर पहुंच गई तो किसी में पहुंची ही नहीं। इसके बावजूद भी प्रधानों पर बिल भुगतान का दबाव बनाया गया। वेब कैमरे गांवों के लिए खरीदे गए, जो कई जगह नहीं पहुंचे है। अब मिलने पर प्रधान विरोध में खड़े हो गए है।
डीएम के नाम पर ग्राम प्रधानों पर दबाव डाला गया
इस पूरे मामले में यह भी खुलासा हुआ है कि विकास भवन से एक अधिकारी ने पत्र जारी करके प्रधानों को फॉगिंग मशीन को लेकर दबाव बनाया। यह दबाव भी डीएम के नाम पर बनाया गया। इस संबंध में एक पत्र भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके बाद खुद ही ठेकेदार के माध्यम से फॉगिंग मशीन भिजवाई गई, जिसपर कुछ प्रधानों ने डीएम का नाम पत्र में होने पर भुगतान भी कर दिया।
अधिकारी बड़ा खेल कर रहे है और खुद ही सामान खरीदकर गांवों में भेज रहे है। ऐसा किसी भी हालत में नहीं होने दिया जाएगा। इसका विरोध किया जाएगा, क्योंकि गांवों में जिन कार्यों की जरूरत है, उनको नहीं कराया जा रहा है। उन पर सामान जबरन थोपा जा रहा है। जितेंद्र बंसल, अध्यक्ष प्रधान संगठन खेकड़ा ब्लॉक
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मेरे पास पहले फॉगिंग मशीन भेजी गई थी, लेकिन मैने लेने से इंकार कर दिया था। मैने मशीन से कम दामों में खरीदी थी। अब व्हीलचेयर व कैमरे भेज दिए गए है, लेकिन इनका भुगतान नहीं करेंगे। अफसर खेल करने में लगे है। दीपक, प्रधान मवीकलां
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अफसर अपनी मनमानी कर रहे है और प्रधानों को बताए बिना सामान खरीदकर जबरन गांवों में भेज रहे है। यह मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। इसका विरोध किया जाएगा। इसकी शिकायत शासन स्तर पर की जाएगी। आशीष शर्मा, प्रधान खेड़की
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यह सभी मामले अब जानकारी में आए है। इस तरह नहीं होना चाहिए। फॉगिंग मशीन के बिल भी देखे है। इसकी जांच कराई जाएगी कि आखिर ऐसा कैसे हो रहा है। - राजकमल यादव, डीएम