बागपत के गांवों का 25 करोड़ रुपये का बजट अटक गया है जो अप्रैल महीने में जारी किया जाना था। इससे गांवों में विकास कार्य लटक गए हैं, क्योंकि गांवों में पैसा खत्म हो गया है और इस कारण नए कार्य शुरू नहीं हो रहे हैं तो पुराने भी काफी अधूरे पड़े हैं। अब पंचायती राज विभाग के अधिकारी और प्रधान बजट जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।
गांवों के लिए फरवरी में करीब साढ़े छह करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था। यहां 244 ग्राम पंचायत है और उस बजट से सहायक, प्रधान, शौचालय के केयरटेकर के मानदेय के साथ ही स्कूल के बिजली बिल, ग्राम पंचायत के बिजली बिल जमा कराए जाते हैं। उसके बाद जितना पैसा बचा, उसको विकास कार्य पर खर्च किया जाना था।
इस तरह बजट को 244 ग्राम पंचायतों के लिए काफी कम बताया जा रहा था और प्रधानों को उम्मीद थी कि उस बजट में कुछ कार्य शुरू कराए जाते हैं तो अप्रैल में दोबारा से बजट मिल जाएगा। लेकिन अप्रैल में मिलने वाला 25 करोड़ रुपये का बजट अटक गया है और वह अभी तक नहीं मिला है। जिससे गांवों में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं और लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।